खाद की कालाबाजारी से किसान परेशान
निष्पक्ष जन अवलोकन रामशंकर वर्मा
रामनगर बाराबंकी। तहसील क्षेत्र में प्राइवेट खाद विक्रेताओं द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खुलेआम खाद बेची जा रही है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कस्बा रामनगर में संचालित दुर्गा फर्टिलाइजर के यहां डीएपी का सरकारी रेट 1350 रुपये होने के बावजूद 1650 रुपये में बेचा जा रहा है। वहीं यूरिया, जिसका निर्धारित मूल्य 266 रुपये है, उसे 350 रुपये में किसानों को दिया जा रहा है। इसी तरह रानी बाजार, महादेवा, रानीगंज, गणेशपुर, त्रिलोकपुर, सुढ़ियामऊ और बिंदौरा सहित कई स्थानों पर डीएपी खाद 1550 से 1650 रुपये तक बेची जा रही है, जबकि इसका निर्धारित मूल्य 1350 रुपये है। यूरिया भी 266 रुपये के बजाय 350 रुपये में बेची जा रही है। मेंथा सीजन में बढ़ी मांग, दुकानदार उठा रहे फायदा बाराबंकी जिले में इस समय मेंथा की खेती का सीजन चल रहा है, जिससे किसानों को डीएपी और यूरिया खाद की अधिक आवश्यकता है। इसी जरूरत का फायदा उठाकर दुकानदार खुलेआम कालाबाजारी कर रहे हैं। एक ओर सरकार किसानों के हित में विभिन्न योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी ओर निजी विक्रेता किसानों से अधिक दाम वसूलकर उनकी जेब पर बोझ डाल रहे हैं। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी रजीताराम ने बताया कि खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। यदि किसी विक्रेता द्वारा अनियमितता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।









