मजदूरों के उत्पीड़न पर भाकपा का हमला, 30 हजार वेतन व मुआवजे की मांग
निष्पक्ष जन अवलोकन विनय सिंह बाराबंकी। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने प्रदेश में मजदूरों के साथ हो रहे कथित उत्पीड़न को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का आरोप है कि नौकरशाही समस्याओं के समाधान के बजाय अन्य मुद्दों में उलझी रहती है, जबकि जमीनी स्तर पर मजदूरों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी के राज्य परिषद सदस्य रणधीर सिंह ‘सुमन’ ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मांग की है कि नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर में मजदूरों के साथ हो रहे अत्याचार की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और श्रम विभाग के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही घायल मजदूरों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने की भी मांग की गई है। पत्र में यह भी कहा गया है कि जहां अधिकारियों के पालतू जानवरों पर नौ हजार रुपये से अधिक खर्च किया जा रहा है, वहीं मजदूरों को नौ हजार रुपये से कम वेतन दिया जा रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। पार्टी ने मजदूरों का न्यूनतम मासिक वेतन लगभग 30 हजार रुपये निर्धारित करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त महिलाओं और मजदूरों पर दर्ज मुकदमों को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए कहा गया है कि सरकार को मजदूर हित में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करना चाहिए।









