पोषण समिति की बैठक में डीएम सख्त, कुपोषण व एनीमिया पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश

पोषण समिति की बैठक में डीएम सख्त, कुपोषण व एनीमिया पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश

निष्पक्ष जन अवलोकन विनय सिंह बाराबंकी। कलेक्ट्रेट स्थित लोक सभागार में जनपद स्तरीय पोषण समिति की मासिक समीक्षा एवं कन्वर्जेंस बैठक जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता तथा मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। बैठक में पोषण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़े विभागों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि पोषण एक समेकित दायित्व है, जिसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने सभी सीडीपीओ को निर्देश दिया कि सीवियर एनीमिक गर्भवती महिलाओं की व्यक्तिगत निगरानी कर उन्हें शीघ्र लाभान्वित किया जाए। डीएम ने कुपोषित व अति कुपोषित (सैम व मैम) बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए नियमित निगरानी सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर एनआरसी में भर्ती कराने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग की आरबीएसके टीम को नियमित विजिट करने के साथ किसी भी लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। बैठक में पोषण ट्रैकर ऐप पर शत-प्रतिशत डेटा फीडिंग समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया। डीएम ने कहा कि इससे गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों की प्रभावी निगरानी संभव है, इसलिए कोई भी लाभार्थी छूटना नहीं चाहिए। साथ ही सैम व मैम बच्चों के परिवारों को घर-घर जाकर पोषण परामर्श, आहार चार्ट और अनुपूरक पोषण सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। कार्य में लापरवाही पाए जाने पर सीडीपीओ सूरतगंज का वेतन बाधित करने और स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी समेत समस्त सीडीपीओ, स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।