डोम समाज सम्मेलन में मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान, शिक्षा और सामाजिक उत्थान पर जोर

डोम समाज सम्मेलन में मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान, शिक्षा और सामाजिक उत्थान पर जोर

निष्पक्ष जन अवलोकन रत्नाकर पाण्डेय बाराबंकी। विकास खंड पूरेडलई के आल्हनमऊ गांव में डोम समाज सम्मेलन एवं मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर और गौतम बुद्ध की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं भाजपा नेता अनूप भारती ने राज्यमंत्री का 21 किलो का हार पहनाकर स्वागत किया। राज्यमंत्री शर्मा ने हाईस्कूल, स्नातक एवं एलएलबी के मेधावी छात्र-छात्राओं को बाबा साहब की प्रतिमा (मोमेंटो) भेंट कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने समाज के हर वर्ग को समानता का अधिकार दिलाया और बिना भेदभाव के न्यायपूर्ण व्यवस्था की नींव रखी। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा पारित महिला आरक्षण विधेयक का उल्लेख करते हुए विपक्षी दलों पर इसका विरोध करने का आरोप लगाया। साथ ही सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए किसानों को सम्मान निधि, महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार के अवसर तथा बेटियों के लिए ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से आईएएस-पीसीएस में चयन जैसी योजनाओं को रेखांकित किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व राज्यमंत्री एवं विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल भी मौजूद रहे। उनका स्वागत पुष्पगुच्छ व माला पहनाकर किया गया। डॉ. निर्मल ने डोम समाज को संबोधित करते हुए शिक्षा के प्रति जागरूक रहने और बाबा साहब के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “मेरा डोम समाज जब पढ़ेगा, तभी आगे बढ़ेगा।” रूदौली विधायक रामचंद्र यादव ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने अपने संबोधन में पूर्ववर्ती सरकारों पर महिला विरोधी होने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाया। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं भाजपा नेता अनूप भारती, रवि भारती, दीपक भारती, नीरज भारती, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सीमा भारती (वर्तमान प्रधान), संतोष भारती, किशोरी लाल भारती (जिला अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा, अयोध्या), अशोक कुमार भारती एवं रंजीत कुमार भारती सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन समाज के उत्थान और शिक्षा के प्रसार के संकल्प के साथ हुआ।