जमीनी विवाद में खूनी संघर्ष, 16 नामजद समेत दर्जनों पर मुकदमा
निष्पक्ष जन अवलोकन नूर मोहम्मद मसौली (बाराबंकी)। शनिवार को थाना क्षेत्र के ग्राम गेंदौरा में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में मसौली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रमाकांत वर्मा की तहरीर पर विपक्षी शोभेलाल सहित 16 लोगों के विरुद्ध संज्ञेय धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं मारपीट में गंभीर रूप से घायल सचिन की हालत लखनऊ के ट्रामा सेंटर में नाजुक बनी हुई है। बताया जाता है कि शनिवार की दोपहर बाद ग्राम गेंदौरा मजरे नहामऊ में जमीन की कब्जेदारी को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इस घटना में एक पक्ष के 10 तथा दूसरे पक्ष के 4 लोग घायल हो गए, जिनमें एक की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने रमाकांत की तहरीर पर शोभेलाल पुत्र रामनरायण, चेतराम पुत्र शोभेलाल, अखिलेश पुत्र बब्लू, मुकेश पुत्र पांचू, गजराज व रामसनेही पुत्रगण रामसमुझ, बब्लू रामसमुझ पुत्र रामनरायण, अनुज, अजय, अनुराग, प्रवेश (पुत्रगण अज्ञात), मुस्सू पुत्र शोभेलाल, संजय पुत्र राममिलन, शंकर पुत्र कल्लू, बिहारी लाल पुत्र महादेव सहित दो दर्जन अज्ञात लोगों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3/5 व 109 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। 30 साल पुराना विवाद बना संघर्ष की वजह, तीन आरोपी जेल भेजे गए ग्राम गेंदौरा में हुई मारपीट का विवाद करीब 30 साल पुराना बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 1996 में धनपति विश्वकर्मा के भाई ने करीब पौने बीघा कृषि भूमि शोभेलाल यादव निवासी जलुहामऊ को बेच दी थी। इस पर धनपति ने फर्जी बैनामा का आरोप लगाते हुए कोर्ट का सहारा लिया और वर्ष 1999 में बैनामा खारिज हो गया। इसके बाद यादव पक्ष ने भी न्यायालय की शरण ली और लंबे समय तक मामला चलता रहा। वर्ष 2024 में पुनः फैसला धनपति के पुत्र कैलाश के पक्ष में आया। इसके बाद 10 अप्रैल को राजस्व व पुलिस टीम ने कैलाश विश्वकर्मा को जमीन पर कब्जा दिलाया। कब्जा मिलने के बाद 15 अप्रैल को कैलाश ने उक्त भूमि रमाकांत व ओमकार पुत्र अशोक निवासी पीरपुर मजरे इब्राहिमाबाद (थाना कोठी) के नाम बैनामा कर दी। इसी दौरान रामनगर तहसील में भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था और अंततः शनिवार को कब्जेदारी को लेकर दोनों पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। प्रभारी निरीक्षक अजय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि मामले में कार्रवाई करते हुए शोभेलाल पुत्र रामनरायण, अखिलेश पुत्र बल्लूराम व आशीष पुत्र रामसमुझ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।









