ई-रिक्शा पलटने से महिला की मौत, मंदिर से लौट रहीं थीं श्रद्धालु
निष्पक्ष जन अवलोकन विजय राम जायसवाल फतेहपुर बाराबंकी। ई-रिक्शा पर सवार होकर मंदिर दर्शन कर लौट रही करीब आधा दर्जन महिलाओं के साथ बड़ा हादसा हो गया। ग्राम छेदा के पास ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसमें सवार एक महिला की दबकर मौत हो गई, जबकि अन्य महिलाएं बाल-बाल बच गईं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मिरदहन पुरवा निवासी आशा देवी (50) पत्नी देवेंद्र वर्मा, मोहल्ले की अन्य महिलाओं के साथ शुक्रवार को ई-रिक्शा से मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के ग्राम छेदा स्थित लोहनदेव मंदिर दर्शन करने गई थीं। दर्शन के बाद सभी महिलाएं वापस घर लौट रही थीं। मंदिर से कुछ ही दूरी पर पहुंचते ही ई-रिक्शा अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में आशा देवी ई-रिक्शा के नीचे दब गईं और गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि साथ मौजूद अन्य महिलाएं किसी तरह बाहर निकल आईं। घायल आशा देवी को तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अन्य महिलाओं को मामूली चोटें आई हैं। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। --- बॉक्स: परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ मृतका आशा देवी अपने पीछे दो पुत्रियां—ज्योति वर्मा व अद्यया वर्मा तथा एक पुत्र जतिन वर्मा को छोड़ गई हैं। पति देवेंद्र वर्मा खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिजनों के अनुसार, आशा देवी घर से यह कहकर निकली थीं कि “अभी आती हूं, तुम घर का काम निपटा लेना।” लेकिन किसी को क्या पता था कि यह उनकी आखिरी विदाई होगी। अचानक हुई मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पति देवेंद्र वर्मा बिलखते हुए कह रहे थे—“अब बड़ी बेटी की शादी कैसे होगी, मेरा तो सब कुछ खत्म हो गया… बच्चों का ध्यान अब कौन रखेगा।”









