आयुष्मान वनवास्थ विश्वविद्यालय ने किया वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान

आयुष्मान वनवास्थ विश्वविद्यालय ने किया वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान

निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट। नगर की सामाजिक संस्था ,आयुष्मान वानप्रस्थ विश्वविद्यालय ने अपनी 2006 से चल रही,परंपरा का निर्वाह करते हुए,जनपद के वरिष्ट चिंतक, समाज सुधारक, लेखक और सामाजिक विषयों के ओजस्वी वक्ता स्मृति शेष बलदेव प्रसाद अग्रवाल के जन्म दिन के अवसर पर चित्रकूट जनपद के विभिन्न भागों से पधारे 75 वर्ष की अवस्था पार कर चुके 21 वरिष्ठ नागरिकों को दृष्टि संस्थान के परिसर में आयोजित भव्य समारोह में उनके परिवार जनों, नगर के बुद्धजीवियों और आयुष्मान वानप्रस्थ विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों और सदस्यों की उपस्थिति में सम्मानित किया गया। समारोह की अध्यक्षता करते हुए आयुष्मान वानप्रस्थ विश्वविद्यालय के संरक्षक पूर्व सांसद भैरों प्रसाद मिश्रा ने कहा, कि अपनी जड़ों को सींचना, उनसे भारतीय संस्कृति के जीवन मूल्यों को ग्रहण करना, रोमांचित करता है, हमारे बुजुर्ग, हमारी विरासत हैं, हमारी थाती हैं,हमारी परंपरा, आचार विचार , व्यवहार ,सभ्यता और भारतीय संस्कृति के उदात्त मूल्यों के संवाहक है। समारोह के मुख्य अतिथि और जिले के अग्रणी बैंक प्रबंधक अनुराग शर्मा ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में मानव विकास के विभिन्न चरणों का उल्लेख किया, मानवीय चेतना के विकास को रेखांकित करते हुए,उन्होंने कहा, इस चेतना के अद्भुत, अनूठे और एकमात्र स्वामी होने की विशेषता ने मनुष्य को सभी जीवों पर शासन करने लायक बनाया है। उन्होंने पीढ़ी दर पीढ़ी ट्रांसफर हो रहे जीवन मूल्यों के लिए वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान अभिव्यक्त किया। सामाजिक चिंतक अभिमन्यु सिंह ने आयोजन की भावना को सराहा और कहा कि जहां एक ओर अपस्ट्रीन जैसी घटनाएं हो रही हैं, बुजुर्ग वृद्धावस्था आश्रमों में शरण लेने के लिए अभिशप्त हैं, उनको सम्मान देने के आयोजन सुखद अनुभूति कराते हैं, आशा जगाते हैं । सम्मान पाने वालों में शामिल राजकीय बालिका इंटर कालेज राजापुर की पूर्व प्रधानाचार्या मनोरमा जैन ने नयी पीढ़ी की उच्छृंखलता पूर्ण जीवन शैली और पाश्चात्य संस्कृति से ओतप्रोत आचरण पर चिंता जताई, आगाह किया । मेरी घरवाली रचना के नाम से अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले जनपद के श्रृंगार कवि हनुमान प्रसाद निर्मल,भी सम्मान पाने वाली सूची में थे, उन्होंने बलदेव प्रसाद अग्रवाल की प्रेरणा से अंधकार पर लिखी गई, अपनी रचना , सुनाकर लोगों को आह्लादित किया। विकलांग विश्वविद्यालय में कुलाधिपति के निजी सचिव आर पी मिश्रा , जो नाबार्ड में वरिष्ठ कार्यपालक भी रहे हैं, उनका भी भावपूर्ण सम्मान किया गया, उन्होंने अपने संबोधन में उम्र को एक गिनती बताते हुए, उसकी बिना परवाह किए, जीवन की अंतिम सांस तक समाज को अपनी सेवाएं देते रहने का आवाहन किया*। जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे, महा पुरुषों को उद्धृत करते हुए उन्होंने अपनी बातों को पुष्ट किया। चित्रकूट में नाना जी देश मुख और स्वामी रामभद्राचार्य महाराज के कार्यों को उन्होंने रेखांकित किया नगर पालिका परिषद की प्रथम महिला चेयरमैन शशि वर्मा के पति समाज सेवी मनोहर लाल वर्मा अपने पुत्र मलय और पुत्रवधू के साथ पधारे, सम्मान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए, उन्होंने पुरानी पीढ़ी के साथियों से अपील करते हुए कहा,की केवल नई पीढ़ी को कोसने उनकी जीवन शैली की आलोचना करने की आवश्यकता नहीं है,आज का नवयुवक जिस प्रकार अपनी रोजी रोटी कमाता है, प्रतिस्पर्धा के जिस माहौल में अपने को स्थापित करता है,उसमें, उन तौर तरीकों, मान्यताओं और परंपराओं के हिसाब से जीवन बिताना संभव नहीं है। *हमें उनकी सीमाओं को समझना चाहिए, और नए जमाने के दस्तूर के अनुसार नई पीढ़ी के साथ सामंजस्य बिठाना चाहिए । हाकी के प्रसिद्ध खिलाड़ी और कोच प्रेम शंकर शुक्ला, सम्मान से आह्लादित थे,उन्होंने भारतीय टीम में उनके द्वारा तरासे गए, खिलाड़ियों और कोच के नाम बताते हुए, अपनी प्रतिभा से चमत्कृत किया, आज भी वह कई रूपों में सक्रिय है, खेल के विषयों पर उनका लेखन, चित्रकूट में हॉकी खिलाड़ियों को मार्गदर्शन, दृष्टिहीन बालिकाओं को हाकी का प्रशिक्षण, उनके रेखांकित करने योग्य कार्य हैं। आज की सम्मानित सूची में शामिल रहे बृज मोहन पाण्डेय, के आनंद कुमार मिश्रा, सेवा निवृत खंड विकास अधिकारी सियाराम वर्मा,लोढ़वारा के माता प्रसाद चतुर्वेदी,रामानुज त्रिपाठी,ठाकुर प्रसाद यादव,जगदीश चतुर्वेदी टेलीफोन विभाग से सेवा निवृत मनमोहन करवरिया,रामदीन वर्मा। सबसे महत्वपूर्ण सम्मान 100 वर्ष की आयु पूरा करने वाले सत्यनारायण केसरवानी का रहा, सभी ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया। और उनके निरोगी काया और संयमित जीवन की प्रशंसा की। वह अपने नाती और पंजाब नेशनल बैंक के कर्मचारी लवलेश के साथ पधारे। लवलेश ने बताया कि, आज भी वह अपनी दैनिक क्रियाएं, बिना किसी सहयोग के संपादित करते हैं, *उनका मानना है, कि जिस दिन मैं अपने रोज के कामों में सहयोग लेने लगूंगा, मैं बिस्तर में पड़ जाऊंगा। दृष्टि संस्था की बालिकाओं ने समारोह के बाद,उनका अलग से सम्मान किया। समारोह में बलदेव प्रसाद अग्रवाल के पुत्र अनिल अग्रवाल, पुत्र वधु गीता अग्रवाल, वर्षा अग्रवाल ,समाज सेवी, और साहित्यिक मंचों की धुरी मनोज द्विवेदी ,जो न्याय विभाग के पैरा लीगल वॉलंटियर भी है, ने वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली सरकारी और विधिक सेवाओं की जानकारी दी । कार्यक्रम संयोजक जय श्री जोग ने सभी का स्वागत किया,जिला संयोजक विजय चंद्र गुप्ता ने संस्थान के क्रिया कलापों की जानकारी दी। समाज सेविका सुषमा सिंह, और अनीता सिंह ने सभी को साल, और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया । उपसंयोजक पंकज दुबे ने साल भर चलने वाले संस्थान के आयोजनों से अवगत कराया। सहयोगी राजेश दुबे, बसंत, हीरा सिंह ने व्यवस्था गत सहयोग किया, दृष्टि संस्था की बालिकाओं ने सरस्वती वंदना , स्वागत गीत प्रस्तुत किया। सभी के प्रति आभार त्यागी इंटर कॉलेज के पूर्व प्राचार्य लल्लू राम शुक्ला ने व्यक्त किया। संस्थान के निदेशक बलबीर सिंह ने संचालन किया। दृष्टि के महासचिव शंकर लाल गुप्ता ने अपनी संस्था में पधारने के लिए आभार जताया, और संस्थान की गतिविधियों से अवगत कराया। संस्थान के जिला संयोजक विजय चंद्र गुप्ता और उनकी धर्म पत्नी विमला गुप्ता ने अपने वैवाहिक जीवन के 60 वर्ष पूरा किए। इसके लिए समारोह के अंत में इस दंपत्ति का विशेष सम्मान किया गया।