गोरखपुर में फर्जी बैंक अधिकारी बनकर ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा गया, दो आरोपी गिरफ्तार
गोरखपुर पुलिस ने फर्जी बैंक अधिकारी बनकर ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ किया। बिजनौर और लखनऊ के दो आरोपी गिरफ्तार किए गए।
विभव पाठक / ब्यूरो चीफ
निष्पक्ष जन अवलोकन
गोरखपुर। साइबर और आर्थिक अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गोरखपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना गोरखनाथ पुलिस ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की तलाश में जुटी है।
एसपी सिटी निमिष पाटिल ने रविवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। पुलिस टीम ने बिजनौर निवासी मोहित चावला और लखनऊ निवासी रोहित यादव को गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में पता चला कि दोनों आरोपी एक संगठित गिरोह के सदस्य हैं, जो विभिन्न जनपदों में जाकर स्वयं को बैंक अधिकारी अथवा बैंक प्रबंधक बताकर लोगों को झांसे में लेते थे। गिरोह का सरगना मोहित चावला बताया जा रहा है, जो अपने साथियों के साथ योजनाबद्ध तरीके से लोगों को ठगी का शिकार बनाता था।
जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों को फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर अधिक ब्याज दिलाने, विशेष बैंकिंग योजनाओं का लाभ दिलाने तथा पुराने नोटों के बदले नए नोट उपलब्ध कराने जैसे प्रलोभन देकर विश्वास में लेते थे। इसके बाद उनसे धनराशि हड़प लेते थे। इसी प्रकार एक व्यक्ति को निशाना बनाकर लाखों रुपये की ठगी की साजिश रची गई थी। पीड़ित की शिकायत पर थाना गोरखनाथ में मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। इनमें मोबाइल फोन, संदिग्ध दस्तावेज और अन्य सामग्री शामिल है। पुलिस इन साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी हुई है।
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। प्रारंभिक जांच में विभिन्न जनपदों में इनके खिलाफ कई मामलों की जानकारी सामने आई है। यह गिरोह लगातार अपना स्थान बदलकर अलग-अलग जिलों में वारदातों को अंजाम देता था, जिससे इसकी पहचान और गिरफ्तारी चुनौतीपूर्ण बनी हुई थी।
उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे गिरोह को कानून के दायरे में लाना है। फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और संबंधित जनपदों की पुलिस से भी समन्वय स्थापित किया गया है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर बैंकिंग संबंधी जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड अथवा धनराशि साझा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या निवेश प्रस्ताव की सूचना तत्काल पुलिस अथवा साइबर हेल्पलाइन को दें।
गोरखपुर पुलिस की इस कार्रवाई को आर्थिक अपराधों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर और वित्तीय अपराधों में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे गिरोहों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा।









