सहायक निर्वाचन अधिकारी हीरालाल पाल को दी गई भावभीनी विदाई

सहायक निर्वाचन अधिकारी हीरालाल पाल को दी गई भावभीनी विदाई

निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट। जिला निर्वाचन कार्यालय में तैनात सहायक निर्वाचन अधिकारी हीरालाल पाल के सेवानिवृत्त होने पर शनिवार को एक भावभीनी विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें फूल-मालाओं से लादकर सम्मानित किया तथा स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर उनके दीर्घ एवं समर्पित सेवाकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। विदाई समारोह का आयोजन अपर जिलाधिकारी चंद्रशेखर की मौजूदगी में किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि हीरालाल पाल ने अपने 41 वर्ष 11 माह 6 दिन के सरकारी सेवाकाल में पूरी निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उनके कार्यों और व्यवहार की छाप हमेशा सहकर्मियों के बीच बनी रहेगी। अपर जिलाधिकारी चंद्रशेखर ने कहा कि हीरालाल पाल का लंबा सेवाकाल युवा कर्मचारियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने निर्वाचन संबंधी दायित्वों का निर्वहन पूरी लगन और जिम्मेदारी से किया। उनकी कार्यशैली, अनुशासन और समर्पण को सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद के जीवन के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और सुखद भविष्य की कामना की। नगर के सभासद शंकर यादव ने कहा कि हीरालाल पाल ने अपने कार्यकाल में सदैव जनहित और प्रशासनिक दायित्वों को प्राथमिकता दी। उनकी सरलता और मिलनसार व्यक्तित्व के कारण सभी के बीच विशेष पहचान रही है। पूर्व सहायक निर्वाचन अधिकारी भैयालाल ने कहा कि हीरालाल पाल ने लंबे समय तक निर्वाचन कार्यालय में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान कीं। उन्होंने अपने अनुभव और कार्यकुशलता से विभाग को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके सेवानिवृत्त होने से विभाग को एक अनुभवी अधिकारी की कमी महसूस होगी। समारोह के दौरान सहकर्मियों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया और भावुक माहौल में उनके साथ बिताए गए अनुभवों को साझा किया। इस अवसर पर समाजसेवी बीपी पटेल, कंप्यूटर सहायक सुधीर गुप्ता, भोला, नितिन कुमार (कनिष्ठ सहायक), राजकुमार यादव, रामकिशोर, विपिन कुमार जाटव, शिवबरन, कृष्ण मोहन मिश्रा, नंदकिशोर मिश्र, सुधीर सेन, गोविंद श्रीवास्तव, मुन्नीलाल, उमेश गुप्ता, राजेंद्र, ज्ञान सिंह, संजीव मिश्रा, धर्मेश पाल, राघवेंद्र पांडेय सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में हीरालाल पाल ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अपने पूरे सेवाकाल में अधिकारियों, कर्मचारियों और सहयोगियों का भरपूर स्नेह एवं सहयोग मिला। उन्होंने कहा कि यही अपनापन उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।