वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहसिना किदवई का निधन, जिले में शोक की लहर

वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहसिना किदवई का निधन, जिले में शोक की लहर

निष्पक्ष जन अवलोकन नूर मोहम्मद

 मसौली (बाराबंकी)। कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई के निधन की खबर से उनके पैतृक निवास ग्राम बड़ागांव सहित पूरे जनपद में शोक की लहर दौड़ गई। 93 वर्षीय मोहसिना किदवई का निधन नई दिल्ली के एक निजी अस्पताल में हुआ। वे देश के चारों सदनों—लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद—में प्रतिनिधित्व करने वाली अग्रणी महिला नेताओं में शामिल रहीं। मोहसिना किदवई का बाराबंकी जनपद से गहरा जुड़ाव रहा। उनकी ससुराल और ननिहाल दोनों यहीं स्थित रहे। वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. जमील उर रहमान किदवई की बहू थीं और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में उनकी विशेष पहचान थी। उन्होंने पार्टी में राष्ट्रीय महासचिव और कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य जैसे महत्वपूर्ण पदों का दायित्व निभाया, वहीं केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार में कई बार मंत्री रहीं। इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के कार्यकाल में उन्होंने शहरी विकास, परिवहन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का नेतृत्व किया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का भी नेतृत्व किया। लंबा राजनीतिक सफर और जनसेवा के प्रति समर्पण मोहसिना किदवई ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत वर्ष 1970 में विधान परिषद सदस्य के रूप में की। 1974 में वे बाराबंकी की दरियाबाद विधानसभा सीट से पहली बार विधायक चुनी गईं। 1977 के चुनाव में हार के बाद भी उनका राजनीतिक कद कम नहीं हुआ और उसी वर्ष इंदिरा गांधी ने उन्हें उत्तर प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया। 1978 में आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव जीतकर वे उस क्षेत्र की पहली महिला सांसद बनीं। इसके बाद उन्होंने मेरठ से लगातार तीन बार लोकसभा चुनाव जीता और संसद में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। साथ ही, 2004 से 2016 तक वे छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सदस्य भी रहीं। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में प्रभावी भूमिका निभाई। मोहसिना किदवई अपने सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, निष्पक्षता, निर्भीकता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अटूट आस्था के लिए जानी जाती थीं। उत्तर प्रदेश की जमीनी राजनीति से लेकर दिल्ली की सत्ता तक, उन्होंने अपनी ईमानदार और समर्पित छवि से एक विशिष्ट पहचान बनाई। कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार के प्रति उनकी निष्ठा और योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।