ललितपुर में 31 मई तक 'हाई अलर्ट आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका; झरनों-जलाशयों पर जाने और नौका विहार पर पूरी तरह बैन

लापरवाही पड़ेगी भारी: आदेश मानने में की आनाकानी तो आपदा प्रबंधन कानून के तहत सीधे होगी जेल और लगेगा जुर्माना।

ललितपुर में 31 मई तक 'हाई अलर्ट आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका; झरनों-जलाशयों पर जाने और नौका विहार पर पूरी तरह बैन

ब्यूरो, अरविन्द कुमार पटेल निष्पक्ष जन अवलोकन। ललितपुर। अगर आप वीकेंड पर ललितपुर के बांधों, जलाशयों या झरनों पर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। मौसम विभाग (IMD) ने जिले में अगले 24 घंटे यानी 31 मई तक तेज आंधी-तूफान, भारी बारिश और आकाशीय बिजली (वज्रपात) का 'हाई अलर्ट' जारी किया है। खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) सत्य प्रकाश ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जिले के सभी जलाशयों में नौका विहार (Boating) और झरनों के पास पर्यटकों के जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इन दो दिनों के अलर्ट के दौरान अगर किसी ने भी नियमों का उल्लंघन किया या सरकारी काम में बाधा डाली, तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 (ख) के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। निष्पक्ष जन अवलोकन,ग्राउंड रिपोर्ट: क्यों लिया गया यह फैसला दरअसल, उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री और राहत आयुक्त ने मौसम के बिगड़े मिजाज को देखते हुए जनहानि और संपत्ति के नुकसान को रोकने के सख्त निर्देश दिए हैं। ललितपुर जिला प्रशासन पहले से ही सोशल मीडिया और अन्य सूचना तंत्रों के जरिए लगातार एडवाइजरी जारी कर रहा था। शनिवार को हालात की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने खुद कमान संभाली और यह पाबंदी लागू कर दी। किसे क्या निर्देश? (प्रशासन की गाइडलाइन) वर्ग प्रशासन की सख्त हिदायत आम नागरिक व पर्यटक आंधी-तूफान के समय जलाशयों, नदियों और झरनों से दूर रहें। पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। नाविक व नाविक संचालक 31 मई तक पानी में नावें उतारने पर पूरी तरह पाबंदी। लापरवाही पर नाव जब्त होगी। पर्यटन संचालक पर्यटन स्थलों पर भीड़ इकट्ठा न होने दें और सैलानियों को मौसम के खतरे के प्रति आगाह करें। निष्पक्ष जन अवलोकन, नोट : अगर मौसम बिगड़े तो क्या करें? घरों के अंदर रहें: तेज आंधी या कड़कती बिजली के दौरान पक्के मकानों में शरण लें। इलेक्ट्रॉनिक सामानों से दूरी: वज्रपात के समय मोबाइल का इस्तेमाल खुले में न करें और घर के बिजली उपकरणों को अनप्लग कर दें। अफवाहों से बचें: केवल प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।