राम चबूतरा मंदिर की बीस बीघा जमीन अलग अलग लोगों की देखरेख में
निष्पक्ष जन अवलोकन अजय रावत ।। बाराबंकी ।त्रिलोकपुर स्थित राम चबूतरा में बीस बीघा जमीन है जिसे अलग अलग लोग जोतते बोते हैं। पप्पू वर्मा केवल आठ बीघा जमीन ग़दवापुर की देख रेख कर रहे जिसका चौथा साल चल रहा है। इस बीच साठ हजार का मेंथा इकट्ठा किया और इस साल भी बीस हजार जमा करेंगे।राम मूर्ति नाई तीस साल तक देखते रहे और केवल पैंतालीस हजार पप्पू वर्मा के साथ केनरा बैंक में ज्वाइंट खाता खुलाकर जमा किए थे। जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि ललित कुमार उर्फ पप्पू ने चल रहे विवाद पर बताया कि उन्होंने पचासी हजार रुपए मन्दिर की स्लेप व एक हाल में लगाया है और 150,000 रुपए की जमीन खरीदी है जो संतोषी माता ,दुर्गा माता के नाम लिखवाना है। त्रिलोकपुर में राम चबूतरा मन्दिर के पास वाली जमीन पर वर्षों मुरारी गुप्ता का कब्जा रहा है जिन्होंने एक रुपया भी नही जमा किया और कई बेश कीमती शीशम के पेड़ भी कटवाए। उन पेड़ों के पैसो का कोई अता-पता नही है। उनका कहना था कि आठ बीघा गदवापुर की जमीन वे देखते जब कि तीन बीघा कुरथरा में इंद्रेश ,दो बीघा यहीं की भारत लाल वर्मा पहले बीते थे उनसे छुड़ाकर तीन साल हुए बृजेश यादव को दिया गया है और सात बीघा राम चबूतरा की जमीन दस्तगीर का लड़का बोता है।मंदिर की कृषि जमीन अलग अलग लोगों के जिम्मे है जिससे सभी जमीनों को उनके कब्जे में होने की बात पूर्णतया गलत है।राम चबूतरा में करीब दस मंदिर बने हुए है जिनमें मां संतोषी व दुर्गा का मंदिर स्व रामेश्वर वर्मा उर्फ मुनीम उनके चाचा ने बनवाया और चार चार बीघा जमीन लिखी जब कि राधाकृष्ण का मंदिर छेदा वर्मा ने बनवाया और तीन बीघा जमीन लिखी।शनिदेव का मंदिर चंदू गुप्ता के बहनोई ने बनवाया और आम चंदा से मूर्ति आई।वे अपनी बुलेरो से जयपुर से मूर्ति लेकर आए थे। उन्होंने बताया कि जमीन कब्जे की बात गलत और छवि खराब करने वाली है।