फूलमती माता मंदिर में संतों का विश्राम, बेलखारा में रात्रि प्रवास; 84 कोसी परिक्रमा जारी
निष्पक्ष जन अवलोकन रत्नाकर पाण्डेय बाराबंकी। 84 कोसी परिक्रमा के क्रम में नियमतगंज से आलियाबाद रोड स्थित फूलमती माता मंदिर में हजारों साधु-संतों ने विश्राम किया। परिक्रमा की शुरुआत पौराणिक स्थल मखौड़ा धाम से हुई, जहां से संत समाज भगवान राम की नगरी अयोध्या परिक्षेत्र की पवित्र यात्रा पर निकला है। फूलमती माता मंदिर में धूप-आरती व विश्राम के बाद संत समाज बेलखारा के लिए रवाना हुआ। यहां करिया भोल मंदिर में दर्शन के उपरांत संतों के रात्रि विश्राम की व्यवस्था हरि बक्श यादव के दरवाजे पर की गई। 2014 से सेवा की परंपरा कायम बेलखारा में वर्ष 2014 से लगातार हरि बक्श यादव के दरवाजे पर संतों व श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की जा रही है। यहां भोजन, प्रसाद और सुबह नाश्ते की विशेष व्यवस्था रहती है, जिसमें स्थानीय ग्रामीण भी बढ़-चढ़कर सहयोग करते हैं। देशभर से पहुंचे श्रद्धालु परिक्रमा में विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। वृंदावन से राजवती देवी अपने परिवार के 14 सदस्यों के साथ पहुंची हैं, जबकि गया की बिना कुमारी और पटना की फूलन देवी भी आस्था के साथ यात्रा कर रही हैं। मौन व्रती साधु आकर्षण का केंद्र परिक्रमा के दौरान एक साधु महाराज द्वारा संपूर्ण यात्रा के लिए मौन व्रत धारण किया गया है, जो श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंत्री सतीश शर्मा ने लिया आशीर्वाद रात्रि में उत्तर प्रदेश सरकार के रसद एवं खाद्य विभाग के मंत्री सतीश शर्मा अपने समर्थकों व कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे। उन्होंने साधु-संतों का आशीर्वाद लिया और व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विहिप के निर्देशन में हो रही परिक्रमा 84 कोसी परिक्रमा का संचालन विश्व हिंदू परिषद के संगठन मंत्री व परिक्रमा प्रमुख सुरेंद्र कुमार सिंह के निर्देशन में किया जा रहा है। उनके नेतृत्व में श्रद्धालु अनुशासनपूर्वक यात्रा कर रहे हैं। प्रशासन सतर्क, यात्रा शांतिपूर्ण परिक्रमा के दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात नियंत्रण एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। आस्था, सेवा और प्रशासनिक सहयोग के बीच 84 कोसी परिक्रमा शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ रही है।









