प्रशासन की ढुलमुल कार्यवाही के चलते साई ग्रीन सिटी में बढ़ा विवाद
- रात में अवैध निर्माण शुरू होने से कॉलोनी निवासियों में तनाव - निजी डिग्री कॉलेज प्रबंधन पर, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
निष्पक्ष जन अवलोकन। योगेश जायसवाल। फतेहपुर। तहसील फतेहपुर नगर पंचायत के अंतर्गत नवनिर्मित साई ग्रीन सिटी कॉलोनी में निजी डिग्री कॉलेज प्रबंधन द्वारा अवैधानिक कब्जे व रास्ते पर जबरन गेट निर्माण को लेकर विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। कॉलोनी की महिला निवासियों ने आज आधी रात को निजी डिग्री कॉलेज प्रबंधन द्वारा जेसीबी द्वारा कार्य कराए जाने पर जोरदार हंगामा करते हुए विरोध प्रकट किया और रात में ही 112 व कस्बा पुलिस को कॉलेज प्रबंधन की कार्रवाई से अवगत कराया रात में ही पुलिस ने पहुंचकर अवैध रूप से कराए जा रहे कार्य को तुरंत रुकवा दिया। कॉलोनी की महिला निवासियों ने आज दोपहर उप जिलाधिकारी फतेहपुर कार्यालय पहुंचकर फिर से विस्तृत प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि एक निजी डिग्री कॉलेज प्रबंधन द्वारा रात के अंधेरे में नियमों की अनदेखी करते हुए कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। कॉलोनी वासियों के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत 17 मार्च 2026 को हुई, जब उन्होंने अवैध कब्जा व रास्ते पर जबरन गेट बनाए जाने के खिलाफ पहली शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी फतेहपुर ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को अपने-अपने साक्ष्य और अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। निवासियों का कहना है कि उन्होंने 18 मार्च 2026 को ही अपने स्वामित्व और कॉलोनी के नक्शे से संबंधित सभी वैध दस्तावेज नियमानुसार प्रस्तुत कर दिए, जिससे उनकी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई। इसके विपरीत, आरोप है कि विपक्षी पक्ष अब तक कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका है और प्रशासन जानबूझकर मामले को लंबित रखने के लिए प्रक्रिया में देरी या यूं कहे की प्रोसीजरल डिले की जा रही है। 23 मार्च 2026 को हुई सुनवाई के दौरान भी यह तथ्य सामने आया कि विपक्षी के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं है, इसके बावजूद वह मामले को खींचने का प्रयास कर रहा है। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि यह देरी केवल दबाव बनाने और अवैध निर्माण को जारी रखने की मंशा से की जा रही है। कॉलोनी की महिला निवासियों ने बताया कि 14 अप्रैल 2026 की रात करीब 10:30 बजे से मध्यरात्रि 1 बजे के बीच कथित रूप से दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। कॉलोनी वासियों के अनुसार, यह कार्य प्रशासन और उपजिलाधिकारी द्वारा दिए गए यथास्थिति बनाए रखने के निर्देशों के बावजूद किया गया, जो उपजिलाधिकारी के आदेशों की सीधी अवहेलना है। निवासियों का कहना है कि विपक्षी पक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करने के बजाय दबंगई के बल पर कार्य कराने का प्रयास कर रहा है, जिससे कॉलोनी वासियों के मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। कॉलोनी की महिला निवासियों ने प्रार्थना पत्र में उल्लेख करते हुए यह भी बताया कि कॉलोनी वासियों के पास सभी आवश्यक और वैध दस्तावेज उपलब्ध हैं तथा वे अपनी सुरक्षा दीवार के पुनर्निर्माण के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनका कहना है कि यदि विपक्षी के पास कोई वैध साक्ष्य होता तो वह अब तक प्रस्तुत कर चुका होता, लेकिन ऐसा न होना उसकी मंशा पर सवाल खड़ा करता है। कॉलोनी वासियों ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें अपनी सुरक्षा दीवार के पुनर्निर्माण की अनुमति प्रदान की जाए तथा विपक्षी के खिलाफ उपजिलाधिकारी के आदेशों की अवहेलना करने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए, और यदि निर्माण कार्य के दौरान कोई बाधा उत्पन्न होती है तो दोषियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। फिलहाल इस पूरे मामले क्षेत्रीय प्रशासन की ढुलमुल कार्यवाही के चलते क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और कॉलोनीवासी प्रशासन से शीघ्र, निष्पक्ष और प्रभावी हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहे हैं।









