Apk फाइल से फ्राड, शेयर इन्वेस्टमेन्ट व खरीददारी की फर्जी साइटो के माध्यम से धोखाधड़ी के शिकार पीड़ित 26 व्यक्तियों के 15 लाख 10 हजार 470 रुपये कराये गये वापस

Apk फाइल से फ्राड, शेयर इन्वेस्टमेन्ट व खरीददारी की फर्जी साइटो के माध्यम से धोखाधड़ी के शिकार पीड़ित 26 व्यक्तियों के 15 लाख 10 हजार 470 रुपये कराये गये वापस

निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट।वर्तमान में बढ़ते साइबर अपराध को रोकने व आमजनमानस को इससे राहत दिलाने के उद्देश्य के तहत चलाये जा रहे अभियान के क्रम में पुलिस अधीक्षक जनपद चित्रकूट अरुण कुमार सिंह के कुशल निर्देशन में साइबर अपराध पीड़ितों को रोकथाम हेतु किये जा रहे प्रयासों के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक चित्रकूट सत्यपाल सिंह पर्यवेक्षण में साइबर सेल प्रभारी, निरीक्षक विनोद कुमार राय तथा उनकी टीम द्वारा लगातार सार्थक प्रयास करते हुये 26 साइबर अपराध पीड़ित व्यक्तियों के कुल 15 लाख 10 हजार 470 रुपये अथक परिश्रम कर उनके खातों में वापस कराये गये हैं। उल्लेखनीय है साइबर अपराध में पीडित 26 व्यक्तियों के साथ Apk फाइल से फ्राड, शेयर इन्वेस्टमेन्ट व खरीददारी की फर्जी साइटो के नाम पर 15 लाख 10 हजार 470 रुपये की ठगी की गयी थी जिनके द्वारा साइबर सेल चित्रकूट में शिकायत की गयी साइबर सेल में नियुक्त साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार राय, आरक्षी सर्वेश कुमार, आरक्षी प्रशांत कुमार द्वारा अथक प्रयास करके कुल 26 पीडितों का 15 लाख 10 हजार 470 रुपया बरामद कराया गया। आमजनमानस को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने हेतु सूचित किया जाता है कि वर्तमान समय में साइबर अपराधियों द्वारा विभिन्न टेलीग्राम/व्हाट्सएप ग्रुपो के माध्यम से हानिकारक APK फाइल डाउनलोड कराने का प्रयास किया जा रहा है । दुर्भावनापूर्ण रचित APK के निम्न प्रकार हो सकते है- RTO चालान,M परिवहन,YONO SBI etc. ये फाइलें एक मोबाइल वायरस (मेलवेयर) जिसे आपके द्वारा इन्स्टॉल करने पर आपके मोबाइल का सारा डेटा (फोटो,कान्टेक्ट,मैसेज,ओटीपी व अन्य महत्वपूर्ण जानकारी) चोरी हो सकता है। उसके बचाव के कुछ महत्वपूर्ण बिन्दू दिये जा रहे है- 1.फोन पर कभी भी किसी प्रकार के लुभावने ऑफर प्राप्त होने पर आप कभी किसी को अपने बैंक, खाता, एटीएम न0, ओटीपी सम्बन्धी जानकारी शेयर न करें । 2.किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर फोन पर पैसे प्राप्त करनें के लिये यूपीआई पिन न डालना । यूपीआई पिन हमेशा पैसे भेजने के लिये प्रयोग होता है न कि प्राप्त करनें के लिये । 3.किसी भी अनजान लिंक/ वेबसाइट को ओपन करने पर आपकी पर्सनल जानकारी फ्राडर तक साझा हो जाती है, इससे बचें । 4.ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से खरीददारी हेतु पूर्व भुगतान करते समय क्विक सपोर्ट/टीम व्यूवर/कस्टमर सपोर्ट आदि एप का इस्तेमाल करने से आपके हैण्डसेट की स्क्रीन शेयरिंग हो जाती है, उक्त एप्स के इस्टालेशन से बचें । 5.अज्ञात कॉलर द्वारा विभिन्न सरकारी योजनाओ व कालोनी स्वीकृत किये जाने के नाम पर भी पैसों की मांग करने पर पैसे न भेजें एवं तत्काल नजदीकी थाने पर शिकायत करें ) । 6.साइबर एक्सटार्शन (न्यूड वीडियो क्लिप भेजकर/धमकी भरे हमले को रोकने के लिये पैसे की मांग करने पर पैसे न भेजें एवं तत्काल नजदीकी थाने पर शिकायत करें ) । 7.आपके किसी परिचित को एक्सीडेन्ट/बीमार दिखाकर ईलाज हेतु आँन-लाइन पैसे की मांग करने पर पैसे न भेजें एवं तत्काल नजदीकी थाने पर शिकायत करें ) । 8.सोशल मीडिया पर सस्ते दामों पर सामान बेंचने के नाम पर ठगी(फिसिंग) करतें हैं सामान अधिकृत विक्रेता/दुकान से ही खरीदें किसी को एडवान्स पैसा न भेजें। 9.अज्ञात नम्बरों से हूबहू आपके परिचितों की आवाज में पैसे आदि की डिमाण्ड करने पर अपने उस परिचित से पुष्टि करने के उपरान्त ही पैसे भेंजे । 10.घर बैठे रोजगार (पेन्सिल कारोबार, वीडियो को लाइक एवं सब्सक्राइबर बढाये जाने का कार्य) पाने के नाम पर ठगी/पैसे की मांग करनें पर पैसे न भेंजें । नोट-किसी भी प्रकार का साइबर फ्राड होने पर हेल्पलाइन नं0 1930 पर तुरंत क़ॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर कम्पलेंट रजिस्टर करें या अपनें थाना के साइबर हेल्प डेस्क / जनपदीय साइबर सेल को तत्काल सूचना दें ।