मत्स्य पालन, उत्पादन एवं विपणन पर कार्यशाला आयोजित
निष्पक्ष जन अवलोकन नूर मोहम्मद मसौली, बाराबंकी। मत्स्य कृषक उत्पादक संगठन, बाराबंकी के तत्वावधान में बुधवार को लक्षबर बजहा स्थित अभिनव विकास समिति के प्रशिक्षण केंद्र पर मत्स्य पालन, उत्पादन एवं विपणन विषय पर विचार गोष्ठी एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें जनपद के अग्रणी मत्स्य किसानों एवं सहकारी समितियों ने प्रतिभाग किया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय मत्स्य अनुवांशिकी संस्थान, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वी.के. वार्ष्णेय ने उच्च मत्स्य उत्पादन के वैज्ञानिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं मत्स्य विशेषज्ञ डॉ. संतोष सिंह ने उपयुक्त प्रजातियों के चयन, उनकी देखभाल एवं उत्पादन बढ़ाने के प्रभावी उपाय बताए। जनपद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (मत्स्य विभाग) अच्छेलाल निषाद ने विभागीय योजनाओं को किसानों तक पहुंचाने के उपायों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विभाग मत्स्य पालकों के हित में विभिन्न लाभकारी योजनाओं को लागू करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। संगठन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिवाकर सिंह ने कार्यक्रम के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान समय में मत्स्य पालन को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जनपद की 51 मत्स्यजीवी सहकारी समितियों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। स्टेट कोऑर्डिनेटर एस.आर. गुप्ता ने मत्स्य पालकों की आय दोगुनी करने के लिए विविध आयाम अपनाने की आवश्यकता बताई। सेवानिवृत्त मत्स्य अधिकारी एवं संगठन के विशेषज्ञ रमेश चंद्र ने सरकार द्वारा संचालित 45 से अधिक योजनाओं का लाभ उठाने की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन करते हुए पूर्व मत्स्य अधिकारी एवं विशेषज्ञ मोहम्मद आफाक खान ने जनपद की सभी 51 समितियों को संगठन से जोड़ने का संकल्प व्यक्त किया और विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर पूर्व वरिष्ठ अभियंत्रण अधिकारी आर.के. सिंह, मत्स्य निरीक्षक हेमंत कुमार, परियोजना समन्वयक अंकित श्रीवास्तव, ऋचा तिवारी, सुनीता मौर्या (प्रोजेक्ट ऑफिसर), प्रिंस रावत (केंद्र प्रभारी), नंदलाल निषाद (सहायक मत्स्य विशेषज्ञ), नियाज अहमद सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।









