आयुष कार्यशाला में प्राचीन चिकित्सा पद्धति पर जोर

आयुष कार्यशाला में प्राचीन चिकित्सा पद्धति पर जोर

निष्पक्ष जन अवलोकन विजय राम जायसवाल फतेहपुर (बाराबंकी)। साईं ग्रुप ऑफ कॉलेज में आयुष मंत्रालय के तत्वावधान में “प्राचीन चिकित्सा पद्धति से स्वास्थ्य स्वावलंबन” विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डॉ. रत्नेश एवं योगाचार्य डॉ. शशी कुमार ने ब्राह्मी, तुलसी, घृतकुमारी व गिलोय जैसे औषधीय पौधों के लाभों पर प्रकाश डालते हुए उनके संरक्षण की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि हर्बल औषधियों व योग के माध्यम से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है, जिससे कई बीमारियों से बचाव संभव है। आपात स्थिति में ही पाश्चात्य चिकित्सा का सहारा लेना चाहिए। इस दौरान महाविद्यालय परिसर में विकसित हर्बल गार्डन का अवलोकन कराया गया, जहां छात्रों को विभिन्न औषधीय पौधों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में उप प्रबंधक विक्रांत राठौर ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रबंधक विपिन राठौर, प्राचार्य डॉ. दिनेश शुक्ला सहित शिक्षकगण व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।