बीना कोयला खदान विस्तार के विरोध में उग्र हुए ग्रामीण, जनसुनवाई में किए हंगामा

बीना कोयला खदान विस्तार के विरोध में उग्र हुए ग्रामीण, जनसुनवाई में किए हंगामा

निष्पक्ष जन अवलोकन/अमर नाथ ऊ सोनभद्र /स्थानीय ब्लॉक के ऊर्जाचल स्थित बीना खेल मैदान में आयोजित बीना कोयला खदान के विस्तार को लेकर पर्यावरणीय जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों का भारी विरोध देखने को मिला। निर्धारित समय सुबह 11 बजे कार्यक्रम तय था, लेकिन अधिकारियों के देरी से पहुंचने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए जनसुनवाई का बहिष्कार कर दिया, जिसके बाद लगभग ढाई बजे शुरू हुई कार्यवाही में एनएसयूआई के अंकुश दुबे, बिट्टी देवी, विमलेश, अवनीश, शुभम दुबे, अरविंद केशरी, मुकेश सिंह, पचू भारती, राजन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों और पर्यावरण कार्यकर्ता जगत नारायण विश्वकर्मा ने बीना परियोजना के विस्तार का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि कंपनी द्वारा जनहित में किए जा रहे कार्य केवल कागजी और दिखावटी हैं, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जल, जंगल और जमीन उनसे छीन ली गई है, जबकि रोजगार बाहरी लोगों को दिया जा रहा है, विस्थापितों को प्रदूषण, बेरोजगारी और मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है। जनसुनवाई के दौरान स्टाफ अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए उन पर आंदोलन और मांगों को दबाने का आरोप लगाया गया। मनोनीत रवि ने कहा कि डैम का पानी प्रदूषित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र बीमारियों का केंद्र बनता जा रहा है। वहीं एनसीएल के प्रतिनिधि नरेंद्र कुमार ने परियोजना विस्तार से कंपनी और स्थानीय लोगों को लाभ होने की बात कही। क्षेत्रीय अधिकारी आरके सिंह ने आश्वासन दिया कि जनसुनवाई में उठाए गए सभी मुद्दों को पर्यावरण मंत्रालय को भेजा जाएगा, इस दौरान सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी में जनहित याचिकाकर्ता तथा सिंगरौली प्रदूषण मुक्ति वाहिनी के वरिष्ठ कार्यकर्ता जगत नारायण विश्वकर्मा ने अधिकारियों के देर से पहुंचने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ऊर्जाचल क्षेत्र लंबे समय से जल और वायु प्रदूषण की गंभीर मार झेल रहा है। दुद्धीचुआ स्थित बलियानाला से कोल माइंस का दूषित पानी रिहंद जलाशय में छोड़ा जा रहा है, इसके बावजूद यहां के लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।