कटिया भारी में शिक्षा व्यवस्था बेपटरी, शिक्षक गायब—बच्चों का भविष्य अंधेरे में

कटिया भारी में शिक्षा व्यवस्था बेपटरी, शिक्षक गायब—बच्चों का भविष्य अंधेरे में

पचपेडवा के शिक्षा क्षेत्र (बलरामपुर) अंतर्गत ग्राम पंचायत कटिया भारी में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कंपोजिट विद्यालय में तैनात हेड मास्टर अवधेश यादव कभी-कभार ही विद्यालय पहुंचते हैं, जबकि अन्य शिक्षक तो नियमित रूप से अनुपस्थित रहते हैं। इस लापरवाही का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। मीडिया टीम जब मौके पर पहुंची तो स्थिति बेहद चिंताजनक मिली। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में बच्चे सुबह आते तो हैं, लेकिन शिक्षक समय पर नहीं पहुंचते। जिस दिन मीडिया टीम पहुंची, उस दिन भी मात्र कुछ ही बच्चे उपस्थित थे और करीब 12 बजे तक वे भी घर लौट गए। बताया गया कि हेड मास्टर अवधेश यादव कुछ समय के लिए विद्यालय आए, लेकिन एक घंटे के भीतर ही वापस चले गए। ऐसे में बच्चों को पढ़ाने वाला कोई नहीं बचा। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में पढ़ाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि सरकारी विद्यालय में पढ़ने वाले गरीब परिवारों के बच्चों के पास कोई अन्य विकल्प नहीं है, जिससे उनकी शिक्षा पूरी तरह प्रभावित हो रही है। इसी ग्राम पंचायत के अंतर्गत स्थित पूर्व नंद नगर प्राथमिक विद्यालय की स्थिति तो और भी बदतर बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार यह विद्यालय अक्सर बंद ही रहता है। कई-कई दिनों तक ताला लटका रहता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह चौपट हो गई है। विद्यालय का नियमित संचालन न होने से बच्चे शिक्षा से दूर होते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर मामले की जांच कर दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो गांव के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। अब सवाल यह उठता है कि आखिर शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे और कब इन लापरवाह शिक्षकों पर कार्रवाई होगी, ताकि बच्चों को उनका हक—सही शिक्षा—मिल सके।