महोबा वन प्रभाग में 50 करोड़ के कथित घोटाले का आरोप, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

महोबा वन प्रभाग में 50 करोड़ के कथित घोटाले का आरोप, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट। महोबा वन प्रभाग में वर्ष 2025-26 के दौरान कराए गए अग्रिम मृदा कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री चन्द्रमोहन द्विवेदी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। आरोप है कि करोड़ों रुपये के बजट का दुरुपयोग करते हुए कागजों में कार्य दिखाकर भुगतान करा लिया गया। वहीं इस भ्रष्टाचार सम्बन्धी मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री के सचिव संजय प्रसाद ने प्रमुख सचिव वन विभाग को उक्त मामले की सक्षम स्तर पर जांच कराकर वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। शिकायत में कहा गया है कि जैतपुर रेंज में सामाजिक वानिकी और अन्य योजनाओं के तहत करीब 2200 हेक्टेयर में अग्रिम मृदा कार्य दिखाया गया, जबकि जमीनी हकीकत इससे अलग है। गोल गड्ढा, नाली निर्माण, कंटूर बंधी और सुरक्षा खाई जैसे कार्यों को मानक के अनुरूप पूरा नहीं कराया गया, लेकिन भुगतान पूरा निकाल लिया गया। मामले में यह भी आरोप है कि मजदूरी भुगतान के लिए फर्जी डेली बिल तैयार किए गए। जिन लोगों के नाम पर भुगतान दिखाया गया, उनमें छात्र, महिलाएं और अन्य कार्यों में लगे लोग शामिल बताए जा रहे हैं। इससे सरकारी धन के गबन की आशंका जताई गई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि महोबा वन प्रभाग में कई कार्य मशीनों से कराए गए, लेकिन इसके बावजूद ई-टेंडर प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। नियमों को दरकिनार कर केवल कोटेशन के आधार पर काम कराए गए, जिससे वित्तीय अनियमितताओं की संभावना बढ़ गई। प्रभागीय वनाधिकारी और क्षेत्रीय वनाधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने निर्धारित सीमा से अधिक के भुगतान पास किए और नियमों की अनदेखी की। जनचर्चा के अनुसार मार्च 2026 में ही करीब 50 करोड़ रुपये के घोटाले की बात सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, एक ही स्थान की अलग-अलग वर्षों में अलग-अलग जीपीएस लोकेशन दिखाकर बार-बार कार्य दर्शाया गया और भुगतान लिया गया। इससे पूरे मामले में सुनियोजित तरीके से गड़बड़ी करने की आशंका और गहरी हो गई है। प्रदेश महामंत्री ने मुख्यमंत्री से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि स्टोर के माध्यम से खरीदी गई सामग्रियों की भी जांच जरूरी है। पत्र में कहा गया है कि मामले की निष्पक्ष जांच राज्य सरकार के हित में है, ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके और दोषी अधिकारियों को दंडित किया जा सके। वहीं इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री के सचिव संजय प्रसाद ने प्रमुख सचिव वन विभाग को उक्त प्रकरण की सक्षम स्तर से वैधानिक जांच कराकर वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।