अमरा कटेहरा गांव में सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा का शुभारंभ
अजय रावत निष्पक्ष जन अवलोकन सिरौलीगौसपुर ।तहसील क्षेत्र के अमरा कटेहरा गांव में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। नैमिषधाम से पधारे कथा व्यास पं. आशीष शुक्ल ने भागवत महात्म्य का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि कलियुग में श्रीमद् भागवत कथा जीव के उद्धार का सरल साधन है और इस संसार में केवल राम का नाम ही सत्य है। पं. शुक्ल ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शास्त्रों में एक वृक्ष को दस पुत्रों के समान माना गया है। वृक्ष की लकड़ी मनुष्य के जीवन भर साथ देती है, बचपन के खिलौनों से लेकर अंतिम यात्रा तक। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से अपने जीवनकाल में कम से कम पांच पेड़ लगाने का आग्रह किया। कथा व्यास ने देवी-देवताओं और वृक्षों के संबंध को भी समझाया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान शिव को बिल्व पत्र प्रिय है, भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं कदंब वृक्ष के नीचे हुईं, शनि देव को शमी वृक्ष प्रिय है और माता लक्ष्मी का वास पीपल में माना गया है। उन्होंने वृक्षारोपण को सबसे बड़ा पुण्य कार्य बताया।









