जन भागीदारी संकल्प मोर्चा की जौनपुर में बैठक, 2027 चुनाव में तीसरा विकल्प बनने का दावा

जौनपुर में जन भागीदारी संकल्प मोर्चा की बैठक में 26 दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। 2027 विधानसभा चुनाव में मजबूत विकल्प बनने का दावा किया।

जन भागीदारी संकल्प मोर्चा की जौनपुर में बैठक, 2027 चुनाव में तीसरा विकल्प बनने का दावा

जौनपुर/गोरखपुर। जन भागीदारी संकल्प मोर्चा की एक विशाल बैठक जौनपुर स्थित रिवर व्यू गार्डन में आयोजित की गई। बैठक में 26 राजनीतिक दलों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्षों तथा पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर व्यापक चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए विश्व शांति मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यदि इसी प्रकार मोर्चे का जनाधार लगातार बढ़ता रहा तो जन भागीदारी संकल्प मोर्चा उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक मजबूत तीसरे विकल्प के रूप में उभर सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता पारंपरिक राजनीतिक दलों से अलग एक नए विकल्प की तलाश में है और मोर्चा उस अपेक्षा को पूरा करने की क्षमता रखता है।

राष्ट्रीय क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एन. के. गुप्ता ने कहा कि सभी छोटे और क्षेत्रीय दलों को एकजुट होकर सरकार के विकल्प के रूप में तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि जनता वर्तमान सरकार की नीतियों से निराश है और बदलाव चाहती है।

राष्ट्रीय संविदा कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुनील कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि विभिन्न छोटे दलों और संगठनों का एक मंच पर आना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश सरकार अपने कई वादों को पूरा करने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि जन भागीदारी संकल्प मोर्चा आम जनता की अपेक्षाओं और समस्याओं को लेकर संघर्ष करने वाला मंच बन सकता है।

बैठक में उपस्थित विभिन्न दलों एवं संगठनों के पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रभावी राजनीतिक विकल्प बनने के लिए सभी सहयोगी दलों को एकजुट होकर कार्य करना होगा।

लौकिक समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बरहज (देवरिया) विधानसभा क्षेत्र से संभावित प्रत्याशी जनार्दन चौहान ने भी मोर्चे की मजबूती के लिए सभी घटक दलों से एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों को लेकर व्यापक जनसमर्थन जुटाने की आवश्यकता है।

बैठक में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान तथा आगामी राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा की।