जनसमस्याओं पर कांग्रेस की रणनीति तय, आंदोलन की चेतावनी – राजेश कुमार तिवारी

गोरखपुर में कांग्रेस की बैठक में महंगाई, बेरोजगारी, गैस सिलेंडर की कालाबाजारी समेत जनसमस्याओं पर चर्चा हुई। प्रशासन को चेतावनी देते हुए आंदोलन की रणनीति तय की गई।

जनसमस्याओं पर कांग्रेस की रणनीति तय, आंदोलन की चेतावनी – राजेश कुमार तिवारी
जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित मासिक बैठक में जनसमस्याओं पर चर्चा करते जिलाध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी व अन्य पदाधिकारी।

विभव पाठक /ब्यूरो चीफ 

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर। जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यालय पर जिलाध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी के नेतृत्व में मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन के विभिन्न क्रियाकलापों, जनसंपर्क अभियानों तथा क्षेत्र में व्याप्त जनसमस्याओं को लेकर पार्टी की आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बिजली, पानी, सड़क, बेरोजगारी, महंगाई तथा गैस सिलेंडर की कमी और कालाबाजारी जैसे मुद्दों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि गैस सिलेंडर की कृत्रिम किल्लत पैदा कर आम जनता को परेशान किया जा रहा है और अधिक कीमत वसूल कर कालाबाजारी की जा रही है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

जिलाध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी ने कहा कि प्रदेश में आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और आवश्यक वस्तुओं की कमी से जूझ रही है। गैस सिलेंडर की कमी और खुलेआम हो रही कालाबाजारी गरीब परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस पर कठोर कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस पार्टी जनता के साथ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसी क्रम में 4 अप्रैल को लखनऊ में बाबू जगजीवन राम की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का निर्णय लिया गया।

बैठक के अंत में संगठन को मजबूत बनाने तथा जनहित के मुद्दों पर निरंतर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर प्रमोद नायक, एडवोकेट विनोद कुमार पाण्डेय, सतेंद्र निषाद, श्रीश उपाध्याय, विशाल त्रिपाठी, विक्रमादित्य, हजारी लाल जायसवाल, विजेंद्र तिवारी, संतोष शुक्ला, जय नारायण शुक्ला, जयंत पाठक, उत्कर्ष पाण्डेय, संतोष उपाध्याय, राजेश दूबे, इंदु भूषण शुक्ल, पानमति शर्मा, अमित तिवारी, के.सी. भारती, राजेश निषाद, अनिल सोनकर, कालंजय तिवारी, गोपाल पाण्डेय, गब्बू लाल प्रजापति, अदालत यादव, सूर्य नारायण राव, सुभाष राय, कन्हैया ओझा, बद्री विशाल शुक्ल, अजवर अहमद, प्रभाकर राय, सतीश उमर, रामनवल सिंह, सुरेंद्र कुमार समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।