सूखे पेड़ों की परमिट की आड़ में हरे-भरे पेड़ों पर चल रहा आरा!
वन माफिया और विभागीय मिलीभगत के आरोप, जांच की मांग तेज
निष्पक्ष जन अवलोकन
रत्नाकर पांडेय
टिकैतनगर (बाराबंकी)। रामसनेहीघाट एवं रामनगर वन रेंज क्षेत्र में कथित रूप से बड़े पैमाने पर अवैध पेड़ कटान और लकड़ी कारोबार संचालित होने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों एवं सूत्रों का दावा है कि सूखे पेड़ों की परमिट की आड़ में हरे-भरे आम समेत अन्य पेड़ों की कटान की जा रही है, जिससे पर्यावरण संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार ग्राम बेदीपुर के निकट नहर पुलिया स्थित नटवीर बाबा की मजार के पास सूखाग्रस्त पेड़ों की अनुमति दिखाकर दर्जनों हरे-भरे पेड़ों पर आरा चलाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस क्षेत्र में संचालित कुछ आरा मशीनों पर अवैध रूप से काटी गई लकड़ियों का भंडारण और चिरान भी किया जा रहा है।
बताया जाता है कि टिकैतनगर, रामसनेहीघाट, रानीकटरा, दरियाबाद, बारिनबाग, नियमतगंज तथा उदयमऊ क्षेत्र के आसपास स्थित कुछ आरा मशीनों पर प्रतिबंधित लकड़ियों का कारोबार खुलेआम जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से यह कारोबार फल-फूल रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कटान के बाद पेड़ों के ठूंठों को मिट्टी से ढक दिया जाता है तथा कई मामलों में जड़ों को जेसीबी मशीन से उखाड़कर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया जाता है, जिससे अवैध कटान का पता न चल सके।
ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि जहां सरकार "मां के नाम एक पेड़" जैसे अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से हरियाली पर संकट मंडरा रहा है। उनका कहना है कि परमिट की शर्तों के अनुसार एक पेड़ कटने पर कई नए पौधे लगाए जाने चाहिए, लेकिन इसका पालन होता दिखाई नहीं देता।
स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।









