फर्जी मेडिकल स्टोर पर सवाल, बिना डिग्री इलाज का आरोप
निष्पक्ष जन अवलोकन पचपेडवा विकासखंड, जनपद बलरामपुर में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। कोहरे गड्डी चौराहे पर संचालित “पाल मेडिकल स्टोर” पर आरोप है कि यहां बिना वैध डिग्री के मेडिकल स्टोर और क्लीनिक चलाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुकान कुकुरमुत्ते की तरह उग आई है और इसे अस्पताल जैसा स्वरूप देकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, यहां कथित डॉक्टर जानकी पाल द्वारा इलाज किया जा रहा है, जबकि उनके पास मान्यता प्राप्त चिकित्सीय डिग्री होने को लेकर संदेह जताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां फर्जी तरीके से दवाइयों का वितरण किया जा रहा है और यहां तक कि नार्कोटिक (नशीली) दवाओं के उपयोग की भी आशंका है, जो कानूनन गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि यह पूरा संचालन राजनीतिक संरक्षण में चल रहा है, जिसके कारण प्रशासन की कार्रवाई अब तक नहीं हो पाई है। आरोप है कि “छोटू भैया” नामक स्थानीय नेता के प्रभाव के चलते यह फर्जी मेडिकल स्टोर खुलेआम संचालित हो रहा है। इस मामले में संवाददाता ने जब दूरभाष पर जानकी पाल से संपर्क किया, तो उन्होंने कहा कि “आप हमारे क्लीनिक पर आइए, पूरी जानकारी दे दी जाएगी।” हालांकि उन्होंने आरोपों का सीधे खंडन नहीं किया। यह मामला न केवल स्वास्थ्य विभाग बल्कि प्रशासन के लिए भी गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। बिना योग्य डॉक्टर के इलाज से मरीजों की जान को खतरा हो सकता है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस पर क्या कार्रवाई करता है और जनता को इस तरह के फर्जी क्लीनिक से कब राहत मिलती है।









