गमगीन माहौल में निकला मोहर्रम का जुलूस, कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक हुए ताजिए

गमगीन माहौल में निकला मोहर्रम का जुलूस, कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक हुए ताजिए

निष्पक्ष जन अवलोकन

 रामशंकर वर्मा

रामनगर (बाराबंकी)। कस्बा रामनगर में मोहर्रम का जुलूस शुक्रवार को परंपरागत रीति-रिवाजों एवं गमगीन माहौल के बीच निकाला गया। जुलूस की शुरुआत बुढ़वल स्थित दरगाह से हुई, जो कस्बे के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर रामनगर पहुंचा। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया।

जुलूस के दौरान थाने के सामने ताजियादारों की भारी भीड़ उमड़ी। अकीदतमंदों ने पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। मोहर्रम मेले में महिलाओं एवं बच्चों ने खरीदारी की और विभिन्न खान-पान के स्टालों का आनंद लिया।

देर शाम सभी ताजिए कर्बला पहुंचाए गए, जहां धार्मिक परंपरा के अनुसार गमगीन माहौल में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान "या हुसैन" की सदाओं से पूरा क्षेत्र गूंज उठा और लोगों ने इमाम हुसैन की कुर्बानी को श्रद्धापूर्वक याद किया।

मोहर्रम जुलूस को शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत एवं कोतवाल अरुण प्रताप सिंह ने लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा लोगों से आपसी भाईचारे एवं सौहार्द के साथ पर्व मनाने की अपील की।

सुरक्षा व्यवस्था में उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र, कांस्टेबल शिवमोहन, सुनील चौहान सहित भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। वहीं मोहर्रम कमेटी की ओर से जाबिर, मोहम्मद जाबिर खान, अंसार जलील, उमर बेग, कादिर सहित बड़ी संख्या में ताजियादार एवं अकीदतमंद मौजूद रहे।

प्रशासन की सतर्कता एवं जनसहयोग से मोहर्रम का जुलूस शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न हुआ।