अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की कमान साधु-संतों को सौंपी जाए: संत समाज

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की कमान साधु-संतों को सौंपी जाए: संत समाज

निष्पक्ष जन अवलोकन

राहुल शर्मा

मथुरा। ब्रजभूमि के साधु-संतों ने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्था में बदलाव की मांग उठाते हुए कहा है कि मंदिर ट्रस्ट की कमान साधु-संतों एवं महंतों को सौंपी जानी चाहिए। उनका कहना है कि धार्मिक संस्थानों का संचालन संत समाज के हाथों में रहने से मंदिर की गरिमा और धार्मिक परंपराओं का बेहतर संरक्षण होगा। संत समाज का कहना है कि यदि ट्रस्ट में साधु-संतों को शामिल किया जाता है तो अयोध्या में बड़ी-बड़ी गौशालाओं का निर्माण, गुरुकुलों की स्थापना तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का विस्तार होगा। उनका दावा है कि संत समाज दान और चढ़ावे की राशि का उपयोग केवल धार्मिक एवं जनकल्याणकारी कार्यों में करता है। संतों ने कहा कि मंदिरों के संचालन की जिम्मेदारी अधिकारियों के बजाय धर्माचार्यों और महंतों को मिलनी चाहिए। उनका आरोप है कि प्रशासनिक व्यवस्था में भ्रष्टाचार की संभावना अधिक रहती है, जबकि साधु-संत ठाकुर जी की सेवा और धर्म के प्रति समर्पित भाव से कार्य करते हैं तथा चढ़ावे की राशि का सदुपयोग सुनिश्चित करते हैं। संत समाज ने केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों से अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की वर्तमान व्यवस्था पर पुनर्विचार करते हुए उसमें साधु-संतों और महंतों की प्रमुख भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे धार्मिक वातावरण और अधिक सुदृढ़ होगा तथा मंदिर से जुड़े धार्मिक आयोजन निरंतर होते रहेंगे।