ई टी  अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का आरपार का ऐलान, संघर्ष मोर्चा का गठन

ई टी  अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का आरपार का ऐलान, संघर्ष मोर्चा का गठन

निष्पक्ष जन अवलोकन विनय सिंह बाराबंकी। गुरुवार को  जिला पंचायत कार्यालय में टीईटी अनिवार्यता एवं पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर शिक्षकों ने आरपार की लड़ाई का ऐलान किया गया  कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पाण्डेय के निर्देश पर किया गया, जिसमें टीईटी एवं पेंशन आंदोलन के लिए अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले संघर्ष मोर्चा का गठन किया गया। बैठक में विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों एवं शिक्षकों ने भाग लिया। उत्तर प्रदेश जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री अरुणेंद्र कुमार वर्मा  ने संबोधित करते हुए कहा कि टीईटी के नाम पर शिक्षकों के वर्षों के अनुभव और समर्पण का अपमान किया जा रहा है। उन्होंने इसे शिक्षकों के सम्मान पर आघात बताया। जिला अध्यक्ष यूटा आशुतोष कुमार ने शिक्षकों से संगठन के साथ मजबूती से खड़े रहने और अपने मान-सम्मान व नौकरी की सुरक्षा के लिए संघर्ष हेतु तैयार रहने का आह्वान किया। जिला आईटी (मीडिया) प्रभारी दिलीप तिवारी ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता है और उसकी योग्यता पर प्रश्नचिह्न लगाना उसके मान-सम्मान के खिलाफ है। उन्होंने टीईटी को काला कानून बताते हुए इसे वापस लेने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही। बैठक में श्याम किशोर बाजपेई, अरविंद सिंह , सहित उपस्थित शिक्षकों ने एकजुटता दिखाते हुए संघर्ष मोर्चा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन चलाने का संकल्प लिया।