मनरेगा में फर्जी हाजिरी का खेल, पचपेड़वा क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

मनरेगा में फर्जी हाजिरी का खेल, पचपेड़वा क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

निष्पक्ष जन अवलोकन। बदरूजमा चौधरी। विकासखंड पचपेड़वा (बलरामपुर)अंतर्गत ग्राम पंचायत औरहवा में मनरेगा कार्यों में भारी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाकर केवल फोटो खींचकर कागजों में काम दर्शाया जा रहा है, जबकि धरातल पर कोई कार्य नहीं हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान, सचिव और संबंधित अधिकारी आपसी मिलीभगत से सरकारी धन का बंदरबांट कर रहे हैं। जब मीडिया टीम मौके पर पहुंची तो कार्यस्थल पर एक भी मजदूर मौजूद नहीं मिला। इससे स्पष्ट होता है कि काम केवल कागजों में ही चल रहा है। ग्राम पंचायत का निरीक्षण करने पर स्थिति और भी गंभीर मिली। सामुदायिक शौचालय बंद पड़े हैं, पंचायत भवन में ताला लटका हुआ है और गांव में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा गांव को स्वच्छ और विकसित बनाने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन यहां केवल फर्जी भुगतान पर ध्यान दिया जा रहा है। इसी तरह ग्राम पंचायत मदरहवा कलां में भी मनरेगा कार्यों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। मीडिया टीम जब कार्यस्थल पर पहुंची तो वहां न कोई मजदूर मिला और न ही कोई कार्य सामग्री जैसे टोकरी, कुदाल आदि दिखाई दी। इससे साफ जाहिर होता है कि यहां भी कागजों में ही काम दिखाकर भुगतान कराया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सामुदायिक शौचालय भी संचालित नहीं है, जिससे उन्हें खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ता है। इससे स्वास्थ्य और स्वच्छता पर गंभीर खतरा बना हुआ है। इस मामले में जब खंड विकास अधिकारी मोहित दुबे से दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन काट दिया और कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इससे यह संदेह और गहरा हो जाता है कि पूरे मामले में बड़े स्तर पर मिलीभगत है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुंच