जिलाधिकारी, चित्रकूट द्वारा जनपद में संचालित पर्यटन विभाग की महत्वपूर्ण परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया गया।

जिलाधिकारी, चित्रकूट द्वारा जनपद में संचालित पर्यटन विभाग की महत्वपूर्ण परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया गया।
जिलाधिकारी, चित्रकूट द्वारा जनपद में संचालित पर्यटन विभाग की महत्वपूर्ण परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया गया।

निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट।जिलाधिकारी, चित्रकूट द्वारा जनपद में संचालित पर्यटन विभाग की महत्वपूर्ण परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया गया। यह परियोजना जनपद चित्रकूट के कामदगिरि परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं के दृष्टिगत सांस्कृतिक एवं शहरी कायाकल्प तथा अवस्थापना संबंधी पर्यटन विकास कार्यों से संबंधित है। परियोजना का क्रियान्वयन यू०पी० प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड, इकाई-13, बाँदा द्वारा किया जा रहा है, जिसकी स्वीकृति राज्य सेक्टर के अंतर्गत पर्यटन विभाग द्वारा प्रदान की गई है। उक्त कार्य की स्वीकृति दिनांक 28.03.2025 को पर्यटन अनुभाग-2, लखनऊ द्वारा जारी की गई, जिसकी स्वीकृत लागत ₹2044.34 लाख है तथा कार्य पूर्ण करने की निर्धारित तिथि जुलाई 2027 है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने परिक्रमा मार्ग के नवीनीकरण, साइनेज, फेन्सिंग, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, विद्युत कनेक्शन एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का गहन अवलोकन किया। उन्होंने निर्देशित किया कि परिक्रमा मार्ग में सभी नेचुरल ड्रेनेज को व्यवस्थित करते हुए चेंबर निर्माण एवं उचित ढाल बनाकर जल निकासी सुनिश्चित की जाए, जिससे जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो। साथ ही कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए गए कि निर्माण के दौरान निकलने वाले मलबे को तत्काल हटाकर प्रतिदिन साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही दृष्टिहीन व्यक्तियों की सुविधा हेतु परिक्रमा मार्ग पर टैक्टाइल (स्पर्श आधारित) टाइल्स स्थापित की जाएं, जिससे उन पर चलने पर उन्हें मार्ग का स्पष्ट अनुभव हो सके। जिलाधिकारी ने पर्यटन विभाग को निर्देशित किया कि परिक्रमा मार्ग पर फसाड लाइट, यात्री शेड एवं पार्किंग व्यवस्था हेतु नवीन कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र शासन को प्रस्ताव प्रेषित किया जाए। इसके अतिरिक्त रिटेनिंग वॉल के साथ बैठने हेतु समुचित सीटिंग एरिया विकसित किए जाने के निर्देश भी दिए गए। अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका को परिक्रमा मार्ग में अवैध रूप से संचालित दुकानों को तत्काल हटाने तथा क्षेत्र में नियमित साफ-सफाई एवं नालियों की मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान यह भी निर्देशित किया गया कि परिक्रमा मार्ग पर स्थापित पत्थरों में एक समान कलर कॉम्बिनेशन एवं डिजाइन पैटर्न का पालन किया जाए। पेयजल सुविधा हेतु लगाए गए वाटर कूलर को शीघ्र क्रियाशील किए जाने, सेल्फी प्वाइंट विकसित करने तथा विद्युत प्रकाश व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के निर्देश भी दिए गए। चोपड़ा कुंड के समीप कराई गई न्यूरल पेंटिंग एवं पर्यटन विभाग द्वारा निर्मित शौचालयों की स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए उनकी तत्काल मरम्मत एवं नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी द्वारा आरती स्थल का भी निरीक्षण किया गया, जहां स्टोन के रंग में असमानता पाए जाने पर संबंधित कार्यदायी संस्था को गुणवत्ता के अनुरूप कार्य करने तथा शीघ्र प्लांटेशन पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आरती स्थल की बाउंड्री वॉल को पुराने पिलर्स के भीतर समायोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि परिक्रमा मार्ग में किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न न हो। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यह परिक्रमा मार्ग आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिक्रमा करते हैं, अतः सभी कार्य समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से पूर्ण किए जाएं। साथ ही प्रतिदिन साफ-सफाई, कचरा निस्तारण एवं सुविधाओं के समुचित संचालन पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे जनपद में पर्यटन को बढ़ावा मिले एवं श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।