"रायबरेली में 15 बीघा सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप, ग्राम प्रधान और प्रशासन की भूमिका पर सवाल"

ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार, चकमार्ग और खाद गड्ढों की भूमि पर अवैध निर्माण हटाने की मांग

"रायबरेली में 15 बीघा सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप, ग्राम प्रधान और प्रशासन की भूमिका पर सवाल"

निष्पक्ष जन अवलोकन 

धीरेन्द्र कुमार 

रायबरेली, 15 जून। तहसील डलमऊ के राजस्व ग्राम एकसना उर्फ करकसा में सरकारी एवं सुरक्षित भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे और निर्माण का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि वर्ष 2021 से अब तक लगभग 15 बीघा सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण और कब्जा किया जा चुका है, जबकि ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी ऐसी भूमि को सुरक्षित रखने की होती है।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव निवासी अनिल कुमार सिंह द्वारा खाद के गड्ढों एवं चकमार्ग की भूमि पर अवैध निर्माण किया गया है। मामले को लेकर कई बार स्थानीय प्रशासन और ग्राम पंचायत को शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि राजस्व अभिलेखों में दर्ज गाटा संख्या 339 (खाद के गड्ढे) और 340 (चकमार्ग/रास्ता) पर निर्माण कर सार्वजनिक उपयोग की भूमि को प्रभावित किया गया है।

आरोप है कि शिकायतों के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा। ग्रामीणों ने दावा किया कि हल्का लेखपाल द्वारा मौके का निरीक्षण किए जाने के बाद भी निर्माण पूरा कर लिया गया, जिससे ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, अवैध निर्माण तत्काल हटवाया जाए तथा यदि सरकारी भूमि पर कब्जे में ग्राम प्रधान अथवा अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों की संलिप्तता पाई जाए तो उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।

इस मामले ने क्षेत्र में सरकारी भूमि की सुरक्षा और पंचायत स्तर पर जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।