नेपाल बॉर्डर से सटे क्षेत्र में यूरिया की कालाबाजारी! किसानों से ₹500 प्रति बोरी वसूले जाने का आरोप

नेपाल बॉर्डर से सटे क्षेत्र में यूरिया की कालाबाजारी! किसानों से ₹500 प्रति बोरी वसूले जाने का आरोप

निष्पक्ष जन अवलोकन। पचपेड़वा/बलरामपुर। जनपद बलरामपुर के पचपेड़वा विकास खंड अंतर्गत शंकरपुर कला चौराहे के पास, नेपाल सीमा से सटे क्षेत्र में यूरिया खाद की खुलेआम ओवररेटिंग किए जाने का मामला सामने आया है। किसानों का आरोप है कि निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर यूरिया खाद बेची जा रही है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शंकरपुर कला चौराहे के निकट स्थित एक खाद विक्रेता अब्दुल मजीद द्वारा यूरिया खाद लगभग ₹500 प्रति बोरी की दर से बेची जा रही है। किसानों का कहना है कि खेती-किसानी के इस महत्वपूर्ण सीजन में खाद की मांग बढ़ने का फायदा उठाकर कुछ दुकानदार मनमानी कर रहे हैं। मजबूरी में किसानों को ऊंचे दाम पर खाद खरीदनी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से खाद की ओवररेटिंग का खेल चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रहा है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में किसानों की परेशानी और बढ़ सकती है। मामले की जानकारी लेने के लिए संवाददाता ने दूरभाष के माध्यम से कृषि अधिकारी से संपर्क किया। कृषि अधिकारी ने बताया कि वह अवकाश पर हैं तथा उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों से संपर्क किया जाए। इसके बाद संवाददाता ने जिला कृषि अधिकारी (डीडी कृषि) से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। ऐसे में किसानों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि जब जिम्मेदार अधिकारी उपलब्ध नहीं हैं तो किसानों की शिकायतों का समाधान कौन करेगा। नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में खाद की मांग अधिक होने के कारण कालाबाजारी और ओवररेटिंग की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। यदि किसानों के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सीधे-सीधे आवश्यक वस्तुओं की बिक्री संबंधी नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। अब देखना यह होगा कि कृषि विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाता है। क्षेत्र के किसानों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।