जिलाधिकारी ने 'सखी वन स्टॉप सेंटर' का किया औचक निरीक्षण; कार्यों की सराहना के साथ दिए दिशा-निर्देश
निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट।जिलाधिकारी द्वारा आज सखी वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य सेंटर की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को प्रदान की जा रही सहायता का जायजा लेना था। निरीक्षण के दौरान रोस्टर ड्यूटी का सूक्ष्मता से अवलोकन किया गया, जिसमें सभी कार्मिक अपने निर्धारित दायित्वों पर उपस्थित पाए गए। जिलाधिकारी ने '181 महिला हेल्पलाइन' के माध्यम से प्राप्त प्रकरणों को C-DAC पोर्टल पर देखा। साथ ही, सेंटर के विभिन्न रजिस्टरों—अल्पावास रजिस्टर, गेट एंट्री रजिस्टर एवं केस पंजीकरण रजिस्टर—का गहन अवलोकन किया। इन रजिस्टरों में दर्ज कार्यवाही की स्पष्टता एवं व्यवस्थित रखरखाव पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किए जिलाधिकारी ने सेंटर में आवासित बालिकाओं से व्यक्तिगत संवाद स्थापित किया। उन्होंने बालिकाओं के प्रकरणों की जानकारी ली और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें उच्च शिक्षा हेतु निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। सेंटर के प्रदर्शन पर प्रकाश डालते हुए अवगत कराया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 287 बालिकाओं/महिलाओं को सुरक्षित आश्रय (अल्पावास) प्रदान किया गया। सेंटर की प्रभावी काउंसलिंग के माध्यम से इन महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनके परिवार के साथ पुनर्मिलन करने का प्रयास किया जाता है। वर्तमान में, अप्रैल 2026 माह के दौरान 24 बालिकाओं/महिलाओं को सेंटर द्वारा आश्रय प्रदान किया गया है। निरीक्षण के समापन पर, जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया कि सेंटर में आवासित महिलाओं एवं बालिकाओं के सर्वांगीण विकास हेतु सकारात्मक वातावरण का निर्माण किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सेंटर की लाइब्रेरी में प्रेरणादायक महिलाओं की जीवनियों से संबंधित पुस्तकें एवं दैनिक समाचार पत्र उपलब्ध कराए जाएं, ताकि आवासित महिलाएं अपने ज्ञानवर्धन के साथ-साथ आत्मबल में भी वृद्धि कर सकें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि 'सखी वन स्टॉप सेंटर' पीड़ित महिलाओं के लिए एक संबल का केंद्र है, अतः यहाँ आने वाली प्रत्येक पीड़ित को संवेदनशील एवं त्वरित सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।









