अंगूठा लगवाकर राशन गायब! अंत्योदय परिवारों को नहीं मिल रही चीनी, भूख से जूझ रहे ग्रामीण
निष्पक्ष जन अवलोकन। पचपेड़वा विकासखंड( बलरामपुर) के ग्राम पंचायत धमोली से गरीबों के हक पर हो रहे अत्याचार की एक मार्मिक तस्वीर सामने आई है। यहां के ग्रामीणों ने कोटेदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अंत्योदय कार्डधारकों को मिलने वाली चीनी न तो समय पर दी जा रही है और न ही पूरी मात्रा में। नियम के अनुसार तीन महीने में 3 किलो चीनी मिलनी चाहिए, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें महीनों से चीनी नहीं मिली। ग्रामीणों ने बताया कि कोटेदार द्वारा चीनी की ओवर रेटिंग भी की जा रही है। यानी जो सामान गरीबों को सस्ती दर पर मिलना चाहिए, उसी के लिए उनसे ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं। यह न सिर्फ सरकारी नियमों का उल्लंघन है, बल्कि गरीबों के पेट पर सीधा प्रहार भी है। वहीं नगर पंचायत पचपेड़वा के जगदीशपुर क्षेत्र से भी इसी तरह की शिकायतें सामने आई हैं। यहां के कोटेदार बनारसी लाल पर आरोप है कि वह राशन वितरण में भारी अनियमितता कर रहे हैं। अंत्योदय कार्डधारकों ने बताया कि उनसे पहले अंगूठा लगवा लिया जाता है, लेकिन राशन कई दिनों बाद दिया जाता है। कई बार तो पूरा राशन भी नहीं दिया जाता, जिससे गरीब परिवारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि लाभार्थियों से अंगूठा लगवाने के तुरंत बाद राशन का वितरण किया जाए, लेकिन यहां इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अंगूठा लगवाने के बाद मनमाने तरीके से राशन काटकर दिया जाता है, जिससे उनका हक मारा जा रहा है। कई महिलाओं और बुजुर्गों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि उनके घरों में खाने के लिए पर्याप्त अनाज नहीं है। बच्चे भूखे सोने को मजबूर हैं और परिवार रोजाना संघर्ष कर रहा है। यह मामला न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे गरीबों की थाली से निवाला छीना जा रहा है। अब जरूरत है कि जिम्मेदार अधिकारी तुरंत संज्ञान लें और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें, ताकि गरीबों को उनका हक मिल सके और कोई भी भूखा सोने को मजबूर न हो।









