राप्ती नदी हादसा: चार किशोरों के शव बरामद, एनडीआरएफ का सर्च ऑपरेशन खत्म

गोरखपुर में राप्ती नदी हादसे में डूबे चारों किशोरों के शव एनडीआरएफ ने बरामद कर लिए। कई दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद अभियान समाप्त, क्षेत्र में शोक की लहर

राप्ती नदी हादसा: चार किशोरों के शव बरामद, एनडीआरएफ का सर्च ऑपरेशन खत्म
प्रतिकात्मक फोटो ए.आई द्वारा

विभव पाठक /ब्यूरो चीफ 

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर। राप्ती नदी में डूबे चार किशोरों के मामले में राहत एवं बचाव दल को आखिरकार सफलता मिल गई है। एनडीआरएफ की टीम ने आज तीन और किशोरों के शव बरामद कर लिए, जिसके साथ ही इस दर्दनाक हादसे में डूबे सभी चारों किशोरों के शव मिल चुके हैं। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल की शाम करीब 4:30 बजे मिर्जापुर क्षेत्र में राप्ती नदी पर बने पीपा पुल के पास कुछ किशोरों के डूबने की सूचना मिली थी। स्थानीय लोगों ने जब नदी किनारे चार साइकिल, चप्पल और कपड़े देखे तो अनहोनी की आशंका गहरा गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने अत्याधुनिक उपकरणों के साथ नदी में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे अभियान की निगरानी की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सर्च ऑपरेशन के दौरान गुरुवार को विवेक निषाद (15 वर्ष), निवासी मालवीय नगर का शव बरामद किया गया था। इसके बाद से ही बाकी तीन किशोरों की तलाश जारी थी। आज सुबह एनडीआरएफ की टीम को सफलता मिली और तीन अन्य किशोरों के शव भी नदी से निकाल लिए गए।

मृतकों की पहचान बीरू उर्फ अमन राजभर (15 वर्ष), अनिकेत यादव (13 वर्ष) निवासी रानीडीहा थाना कैंट, और गगन पासवान (15 वर्ष) निवासी जंगल सिकरी थाना खोराबार के रूप में हुई है। सभी किशोर अपने-अपने घरों से निकले थे और नदी के पास पहुंचने के बाद यह हादसा हो गया।

एनडीआरएफ के उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के निर्देशन में 1 अप्रैल से लगातार यह सर्च अभियान चलाया जा रहा था। अभियान का नेतृत्व 11वीं एनडीआरएफ (आरआरसी) गोरखपुर के डिप्टी कमांडेंट अनिल कुमार पाल ने किया। लगातार कई दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने सभी शवों को बरामद कर लिया, जिसके बाद सर्च ऑपरेशन को समाप्त कर दिया गया।

इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई इस हादसे से स्तब्ध है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।