लू और हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

लू और हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

निष्पक्ष जन अवलोकन।

योगेश जायसवाल।

बाराबंकी। जिले में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने जनहित में लू (हीट स्ट्रोक) और गर्म हवाओं से बचाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां अपनाने की अपील की है।

भारत मौसम विभाग के अनुसार किसी क्षेत्र का तापमान लगातार तीन दिन तक सामान्य तापमान से तीन डिग्री या उससे अधिक रहने पर उसे लू अथवा हीट वेव माना जाता है। वहीं लगातार दो दिन तक तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने की स्थिति भी हीट वेव की श्रेणी में आती है।

प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि गर्मी के दौरान शरीर में पानी और नमक की कमी होने से लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। विशेष रूप से हृदय रोग, मधुमेह, मोटापा, अधिक उम्र और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, शरीर का गर्म और सूखा होना, पसीना न आना, तेज धड़कन, चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी, कमजोरी और बेहोशी शामिल हैं। प्रशासन ने लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने, धूप में निकलते समय छाता और टोपी का प्रयोग करने तथा ओआरएस, छाछ, नींबू पानी और लस्सी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है।

इसके अलावा दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचने, बच्चों और जानवरों को बंद वाहनों में न छोड़ने तथा अत्यधिक गर्मी में भारी कार्य न करने की अपील की गई है।

प्रशासन ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति में हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत छायादार स्थान पर ले जाकर प्राथमिक उपचार दें और तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराएं।