खस्ता हाल हुई मनरेगा रोजगार की गारंटी देने वाली योजना नहीं दे पा रही रोजगार।।

खस्ता हाल हुई मनरेगा रोजगार की गारंटी देने वाली योजना नहीं दे पा रही रोजगार।।

खस्ता हाल हुई मनरेगा रोजगार की गारंटी देने वाली योजना नहीं दे पा रही रोजगार।।

खस्ताहाल हुई मनरेगा,रोजगार की गारंटी देने वाली योजना नहीं दे पा रही रोजगार

100 दिन के रोजगार की गारंटी देने वाली मनरेगा हुई खस्ताहाल।

महीनों बीत गए मजदूरों को नहीं मिली मजदूरी,वहीं योजना से जुड़े संविदाकर्मियों को लंबे समय से नहीं मिल पाया मानदेय।

सांडा(सीतापुर)- 100 दिन के रोजगार की गारंटी देने वाली मनरेगा अपनी डेढ़ दशक की यात्रा के दौरान आज पहली बार इतनी दयनीय हालत में पहुंच गई है कि अब यह मजदूर को न तो समय पर मजदूरी दे पा रही है और न ही योजना से जुड़े अल्प पारिश्रमिक पर काम करने वाले कर्मियों को उनको मिलने वाला मानदेय। आज मनरेगा की हालत बेसहारा हो चुके गोवंश जैसी हो गई है जिस पर कोई भी जिम्मेदार बात नहीं करना चाहता है।

            मनरेगा से गांव में ही रोजगार पाकर अपने परिवार की आजीविका चलाने वाले तमाम गरीब परिवारों के लोगों को मनरेगा में काम किए हुए महीनों बीत चुके हैं लेकिन उनके खाते में किए गए काम की मजदूरी का पैसा नहीं आ रहा है। भारत सरकार की सबसे बड़ी रोजगार की गारंटी देने वाली इस योजना में अल्प पारिश्रमिक पर काम करने वाले संविदा कर्मियों को भी लंबे समय से मानदेय नहीं दिया गया है। मनरेगा से जुड़े तमाम श्रमिकों के साथ मनरेगा संविदाकर्मियों ने बताया कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि इतने लंबे समय से उन्हें पारिश्रमिक नहीं मिला है। ऐसी स्थिति में अब उन्हें घर परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए तमाम कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मनरेगा कर्मियों का कहना है कि योजना में सब कुछ ऑनलाइन होने के बावजूद शासन प्रशासन को उनकी परेशानी नहीं दिख रही है। वह अपनी आवाज उठाते उठाते अब हताश हो चुके हैं।