रिश्वत लेकर गौशाला में भरे जा रहे ग्राम पंचायत के बाहर के पशु।।

रिश्वत लेकर गौशाला में भरे जा रहे ग्राम पंचायत के बाहर के पशु।।

रिश्वत लेकर गौशाला में भरे जा रहे ग्राम पंचायत के बाहर के पशु।।

*रिश्वत लेकर गौशाला में भरे जा रहे ग्राम पंचायत के बाहर के पशु।*

> ग्राम प्रधान व सचिव मिल कर रहे खेल।

> 2.5 लाख लेकर भर लिए अन्य पशु।

निष्पक्ष जन अवलोकन सीतापुर।

सकरन(सीतापुर): ग्राम पंचायतों में इन दिनों भ्रष्टाचार व अराजकता का बोलबाला है। पंचायतों में फैले इस भ्रष्टाचार में ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम प्रधान मिलीभगत कर मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, जिसके चलते विभिन्न ग्राम पंचायतों में बनाई गई गौशालाओं में पैसे का व्यापक हेर - फेर हुआ है। ठीक ऐसा ही मामला हाल ही में संचालित हुई गौशाला ग्राम पंचायत सुमरावां का है, जहां ग्रामीणों का आरोप है की ग्राम प्रधान नंदरानी देवी के द्वारा अन्य ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधानों से रिश्वत लेकर गौशाला में पंचायत के बाहर के पशुओं को संरक्षित किया जा रहा है। बाहर की ग्राम पंचायतों से आ रहे इन पशुओं में ग्राम पंचायत - क्योटाना हरदोपट्टी,मोहारी,महतीनपुरवा, सैदापुर आदि शामिल हैं। ग्राम पंचायत सुमरावां के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है की ग्राम प्रधान नंदरानी देवी के द्वारा ग्राम पंचायत सैदापुर के ग्राम प्रधान से 2.5 लाख रुपए लेकर उनकी ग्राम पंचायत के आवारा पशुओं को भर लिया गया है, जबकि उनकी खुद की ग्राम पंचायत के पशु अभी भी छुट्टा घूम रहे हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ग्राम प्रधान ने इसी क्रम में मिहीपुरवा,सोहरिया, आदि गांवों से भी पैसे लेकर वहां के पशु संरक्षित कर लिए हैं, जिससे ग्राम पंचायत सुमरावां में छुट्टा घूम रहे इन गोवांशों की संख्या पहले की तुलना में कई गुना बढ़ गई है।