मनरेगा मजदूरों की सामत आईं हिस्सा डकार गईं अमृत सरोवर रानी लक्ष्मी बाई

मनरेगा मजदूरों की सामत आईं हिस्सा डकार गईं अमृत सरोवर रानी लक्ष्मी बाई

मनरेगा मजदूरों की सामत आईं हिस्सा डकार गईं अमृत सरोवर रानी लक्ष्मी बाई

निष्पक्ष जन अवलोकन

सतीश कुमार सिंह 

तकनीकी सहायक व ग्राम प्रधान की मिली भगत से मजदूर नहीं पा रहे काम।

सकरन/सीतापुर:सियासी चाल कहें या शासन प्रशासन की नाकामी जो मनरेगा मजदूरों को लंघन करने पर कर रही मजबूर।अपनी ऊंची पहुंच के जरिए तकनीकी सहायक व रोजगार सेवक छीन रहे मनरेगा मजदूरों का हक और फर्जी एमएमएस के जरिए करवा रहे लाखों का पेमेंट।पूर्व में समाचार पत्रों की बनी सुर्खी जो ग्राम पंचायत सेमरा खुर्द में ठेकेदारी प्रथा के जरिए मनरेगा के द्वारा करवाए गए चकबन्ध निर्माण से लेकर पूर्व वित्तीय वर्ष में अमृत सरोवर निर्माण में 10-50 घन मीटर मिट्टी न उठाकर कर लिया गया लाखों का पेमेंट उसी परिपाटी को दोहराते हुए चुनावी समय मे मजदूरों को काम न देकर फर्जी तरीके से बगैर काम कराए ही फर्जी एमएमएस व हाजिरी के जरिए पूरा किया जा रहा फोरम, दलित बाहुल्य ग्राम में मजदूरों की भरमार के बावजूद भी काम न देना रोजगार सेवक व प्रति ग्राम प्रधान की नीयत बन गई परिणाम स्वरूप ग्रामीण मनरेगा मजदूर पलायन को मजबूर ,यही नहीं ग्राम निधि में व्यापक फर्जीवाड़ा कर तीन वर्ष पूर्व एक अदद साइकिल व छत को तरसने वाले लाखों रुपए सरकारी धन की लूट के बन गए आका, विगत तीन वर्ष में अथाह संपत्ति के मालिक बन चुके ग्राम प्रधान की आय व अर्जित की गई संपत्ति की कब होगी जांच व गरीब मनरेगा मजदूरों को गांव में ही कब मिलेगा काम तथा पूर्व में कराए गए कामों की कब होगी जांच बस ये मनरेगा डीसी ही जानते कि फर्जी मजदूरों फर्जी कामों फर्जी एमएमएस के जरिए मनरेगा श्रमिकों के हक पर डाला जाता रहेगा डाका व ग्राम विकास के समस्त वित्तों सहित मनरेगा से कराए गए अमानक कार्यों के साथ अवैध तरीके से अर्जित की गई संपत्ति की कब होगी जांच व तकनीकी सहायक,रोजगार सेवक सहित ग्राम प्रधान कर पाएंगे गरीब मजदूरों के साथ न्याय।