औरैया (दीपक कुमार पाण्डेय) यातायात नियमों का उल्लंघन हादसों की बड़ी वजह।

 

यातायात नियमों का उलंघन हादसों की बड़ी वजह है। दिबियापुर से सहार रोड पर सवारिया लेकर फर्राटा भरता हुआ नाबालिग वाहन चालक।

 

यातायात नियमों का उलंघन हादसों की बड़ी वजह है। नाबालिग वाहन चालक, नशे की हालत में वाहन चलाने, बिना हेलमेट के दोपहिया व बिना सीट बेल्ट के चार पहिया वाहन चलाने और सड़क पर बेतरतीब वाहनों को खड़ी करने के कारण हादसों का सबब जानलेवा हो रहा है। वही दिबियापुर मे नाबालिक टेंपो में सवारियां भरकर सवारियां ढोता हुआ नजर आ रहा है आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है, लेकिन सब कुछ देखते हुए भी प्रशासन चुप है। शहर में न तो ट्रैफिक नियमों का पालन हो रहा है और न ही इसको पालन कराने के लिए पुलिस के पास पर्याप्त व्यवस्था है। जागरूकता के नाम पर सिर्फ यहां सिर्फ खानापूर्ति ही हो रही है। लेकिन प्रशासन को यह सब नजर नहीं आ रहा है। नाबालिक बच्चे टेम्पो, बाइक, टैक्टर कार गाड़ी धड़ल्ले से चला रहे हैं। निमुछिये के हाथों में टेंपो का स्टेयरिंग है। इसे कौन देखेगा।

 

👉 ट्रैफिक नियमों का नहीं हो रहा पालन।

लचर यातायात व्यवस्था के कारण सड़क दुर्घटनाओं में इजाफा हुआ है। आए दिन लोग यहां सड़क हादसों के शिकार हो रहे हैं। इसके बाद भी प्रशासन यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने की दिशा में ठोस पहल नहीं कर रही है। यातायात को लेकर लोग जागरूक भी नहीं हो रहे हैं। यातायात व्यवस्था को दुरुस्त बनाने व ट्रैफिक नियमों के पालन कराने के लिए विभाग भी लोगों को जागरूक नहीं कर रही है। आज भी लोग बिना हेलमेट के खुलेआम दोपहिया वाहन चला रहे हैं। बिना बेल्ट लगाए लोग चार पहिया वाहन चला रहे हैं। स्थिति यह है कि प्रशासनिक अधिकारियों के वाहन चलाने वाले चालक भी बेल्ट का उपयोग नहीं कर रहे हैं। यही कारण है दोपहिया व चारपहिया चलाने वाले चालक दुर्घटना के बाद मौत के शिकार हो जाते हैं।

 

👉सड़क सुरक्षा सप्ताह

सड़क सुरक्षा सप्ताह में ट्रैफिक नियमों का पालन करने मसलन, ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने, हेलमेट पहनकर बाइक चलाने, ओवरटेक नहीं करने, वन-वे ट्रैफिक का पालन करने, दोपहिया वाहन पर ट्रिपल लोडिंग नहीं करने, टैक्सी-मैक्सी, ऑटो व बस में सीट से ज्यादा यात्रियों को नहीं बैठाने, गाड़ी के छत पर यात्रियों को नहीं बैठाने, भारी वाहन में क्षमता से अधिक माल नहीं लादने समेत यातायात नियमों के उल्लंघन करने से दुर्घटना होने या दुर्घटना की संभावना तथा दुर्घटना से बचने के लिए लोगों के बीच ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक बनाने के लिए अभियान चलाया जाता है। जगह-जगह बैनर-पोस्टर लगवा, पंपलेट वितरित, टैक्सी-मैक्सी, ऑटो, बस, ट्रक वाहनों के चालकों को प्रशिक्षण, स्कूली बच्चों के बीच ट्रैफिक नियमों से संबंधित पुस्तक वितरित व उनके बीच वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित कर लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाकर ट्रैफिक नियमों के पालन कराने के प्रति जागरूक बनाना मुख्य मकसद है।