औरैया (दीपक कुमार पाण्डेय) अन्ना जानवरों से परेशान किसान व कस्बावासी।

अन्ना जानवरों द्वारा खेती, किसानी को उजाड़ने से गांव-गांव के किसान परेशान हैं। प्रशासन द्वारा न ही गौशाला बनाई गई और न ही इनके लिए आसरा बनाया जा रहा है। इस स्थिति से दो चार हो रहे किसानों द्वारा फसले बचाने के लिए अन्ना जानवरों को हांककर स्वयं गांव बाहर किया जा रहा है जो दूसरे स्थानों की समस्यायें बन रहे हैं।अन्ना जानवर कंचौसी कस्बा क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या बनकर किसानों के लिए उभर चुके हैं। अन्ना जानवरों से गांव-गांव किसान खेती किसानी नहीं कर पा रहे जो हिम्मत जुटाए हैं उन्हें नुकसान के सिवाय कुछ प्राप्त नहीं होता। कस्बा के आसपास के गांव नोगवा, पुरवा महिपाल ,अमरपुर , ढिकियापुर ,कंचौसी गांव, जमौली आदि गांवो में अन्ना जानवरों व नीलगायों के आतंक से दो चार हो रहे हैं। हर गांव से अन्ना जानवरों पर रोक लगाने की आवाज किसान राज्यमंत्री से लेकर जिले के आलाधिकारियों से कर चुके हैं लेकिन होता कुछ नही है समस्या जस की तस बनी रहती है । कस्बे के आसपास गांवो में गौशाला नही होने से परिणामस्वरूप अन्ना जानवरों का आतंक चारो ओर व्याप्त है। गांव के किसान स्वयं अपने गांव के सैकड़ों जानवरों को कस्बे का रास्ता पकड़ा रहे हैं। इसका परिणाम ये हो रहा है कि अन्ना जानवर एक गांव से दूसरे गांव गली कस्बे के लिए मुसीबत बन रहे हैं। अन्ना जानवरो के सड़को पर घूमने से कई बार हादसे भी हो चुके हैं।लेकिन इसके बाद जिला प्रशासन आज तक नही चेता है।किसान रामकुमार , राजू , ब्रजेश , प्रताप सिंह , आदि किसानों ने डीएम से कस्बे व उसके आसपास गांव में गौशाला खोले जाने की मांग की जिससे उनकी फसलें सुरक्षित हो सके।