निष्पक्ष जन अवलोकन।
अजय रावत।
सिरौलीगौसपुर। प्रदेश की तीन प्रमुख पार्टियां जिनकी कथनी और करनी में फर्क है गरीबों को बर्गला कर सत्ता हासिल करना लक्ष्य बनाकर दलित पिछड़े अल्पसंख्यकों के हितों की बात करके सूबे की कुर्सी हथियाने की चाल चल रहें हैं जिनसे इन वर्ग के लोगों को सतर्क रहकर अच्छे ब्यक्तित्व वाले व्यक्ति को विधायक बनाना है जो सभी के काम आ सके सुख दुःख मे शरीक हो।

यह बात उच्च न्यायालय की तेज तर्रार अधिवक्ता एंव जिले के प्रसिद्ध समाजसेवी रामदुलारे रावत की पौत्री पीमा रावत एडवोकेट ने कही। उन्होंने कहा कुछ दल 85% की बात करते करते जब जब सत्ता में पहुंचे तब तब उनकी सोंच संर्कीण हो गई मतदाता कुछ दलों के लिए गांव से लेकर पूरे क्षेत्र में नात रिश्तेदारों से मिन्नत करके वोट कराया सरकारें भी बनी और जब जब गरीबों को मदत की जरुरत पडी उनकी मदद नही की गई इसी के चलते गरीब का मोह उन दलों से भंग हो गया।
अधिवक्ता पीमा रावत ने प्रदेश की आवाम से अपील की है कि जातिवाद धर्मवाद की बात करने वाली पार्टियों से सतर्क रहकर सभी प्रबुद्ध जन गांव गरीब की भलाई के लिए विधानसभा चुनाव मे अच्छे प्रत्याशी का चयन करें।जो गरीब तबके के लोगों की मुसीबत के वक्त साथ खडा हो उसे अपना विधायक बनाये ।