निष्पक्ष जन अवलोकन।
योगेश जायसवाल।
बाराबंकी। “गर जमीं दी है तो थोड़ा सा आसमां भी दे, ऐ खुदा मेरे होने का कुछ गुमान भी दे।” इंच भर जमीन के लिए जान लेने-देने को उतारू लोगों के लिए सुबेहा क्षेत्र के शरीफाबाद निवासी राजवती सिंह पत्नी भल्ला सिंह नज़ीर बन गये हैं। खुद तो अल्प शिक्षित है, पर आने वाली पीढ़ियों की शिक्षा के लिए खुद की खरीदी हुयी जमीन स्कूल के लिए दान में दे दी।

हैदरगढ़ विकास खंड के गांव शरीफाबाद में पहले से बना विद्यालय जर्जर होने के बाद उसी जगह पर नवीन भवन निर्माण के लिए प्रयास किया गया। सफल प्रयास के बाद नवीन विद्यालय निर्माण हेतु ग्रांट का आवंटन भी किया गया, जिसके बाद पुराने भवन के भू स्वामी ने पूर्व मे बने विद्यालय की जमीन को अपनी भूमि बताकर नवीन भवन बनने में आपत्ति जताई।
नवीन विद्यालय निर्माण हेतु जमीन न मिलने पर विभाग के अधिकारियों ने ग्रांट वापस करने की तैयारी कर ली थी। इसी बीच शिक्षकों द्वारा सराहनीय पहल करते हुए गांव में विद्यालय के लिए जमीन देने के सम्बन्ध में बैठक का आयोजन किया। जिसमें गांव की राजवती पत्नी भल्ला सिंह ने सहर्ष विद्यालय के लिए जमीन दान देने को राजी हो गयी। राजवती ने बताया कि उन्होंने यह निर्णय इसलिए लिया कि गांव के बच्चों को बाहर दूर पढ़ने न जाना पडे।
अपनी निजी जमीन देकर सराहनीय पहल करने की बात पर आज शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों ने उक्त भू स्वामिनी के घर पहुँचकर सम्मानित क़िया। इस अवसर पर यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के जिला संगठन मंत्री दीपक मिश्र, महेंद्र प्रताप सिंह, अभय सिंह, मोहित सिंह, देवेंद्र कुमार, सुकई, एहतेशाम अहमद, दुर्गेश कुमार, शिक्षामित्र संतोष कुमार, आनंद कुमार, रंजीता गौतम सहित पूरा विद्यालय स्टाफ मौजूद रहे।