हिंदी का ज्ञान न होने पर अंग्रेजी में दर्ज की गयी वादी की एफआईआर

निष्पक्ष जन अवलोकन। नितेश मिश्रा। बाराबंकी। आमतौर पर एफआईआर यानी प्रथम सूचना रिपोर्ट हिंदी भाषा मे दर्ज की जाती है किंतु जनपद में आये एक मामले में यह एफआईआर अंग्रेजी में दर्ज करनी पड़ी।
दरअसल कोतवाली नगर क्षेत्रान्तर्गत दारापुर गांव के पास शनिवार रात को हुए विवाद में लखनऊ से अयोध्या जा रहे तमिलनाडु के एक व्यक्ति हरि प्रसाद ने 15 अज्ञात लोगों के ऊपर इस बाबत मुकदमा दर्ज कराया है कि कुछ लोगो ने बीच हाइवे पर उनकी कार रोककर हमलावर हो गए और उनकी गाड़ी को तोड़ दिए है।
प्राप्त जानकारी अनुसार शनिवार रात तमिलनाडु निवासी हरिप्रसाद परिवार सहित लखनऊ से अयोध्या की तरफ जा रहे थे उसी समय दारापुर मोड़ के पास अज्ञात लोगों ने उनकी गाड़ी बीच रास्ते पर रोक ली और गाड़ी का शीशा न खोलने पर इंडिकेटर आदि तोड़ दिया और हमलावर हो गए,जिस कारण परिवार के सदस्य जिनमे बच्चे व महिलाएं थी वह सभी डर गए।
क्षेत्राधिकारी नगर सीमा यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि कोतवाली नगर में प्रकरण के संबंध में बलवा व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अन्य विधिक कार्यवाही की जा रही है वही प्रभारी निरीक्षक पंकज सिंह ने बताया कि कार पंजीकरण नंबर के आधार पर चौकी इंचार्ज अभिषेक सिंह ने कार सहित घटना के समय मौजूद चार लेागों को पकड़ लिया है। पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आयी कि तमिलनाडु निवासी हरिप्रसाद की गाड़ी की गति बहुत तेज थी जिस कारण रास्ते पर जा रहे बाइक सवार का पूरा परिवार टकराने से बचा था, जिसके बाद आरोपित ने अपनी डस्टर कार से उनका पीछा कर उस गाड़ी को रोका था हालांकि पुलिस ने आरोपितों पर शांतिभंग की कार्रवाई की है।
चूंकि हरि प्रसाद तमिलनाडु के निवासी है जिस कारण उन्हें हिंदी भाषा का ज्ञान न होने के कारण उनके द्वारा तहरीर आंग्लभाषा में दी गयी थी और दी गयी तहरीर को परिवर्तित न किये जाने के नियम के कारण एफआईआर अंग्रेजी में दर्ज की गयी, जो अपने आप मे जनपद का पहला मामला बन गया।
अधिकारी यह तो स्पष्ट नहीं बता पा रहे कि यह जनपद की पहली अंग्रेजी एफआईआर है लेकिन पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिले में अंग्रेजी में एफआईआर दर्ज होने का यह दुर्लभ मामला है।