निष्पक्ष जन अवलोकन।

नितेश मिश्रा।
बाराबंकी। शहर में जिला प्रशासन के द्वारा एक पुराने मंदिर को तोड़कर हटाया गया जिसे मार्ग चौड़ीकरण किया जा सके और यातायात सुगम हो सके खास बात यह है कि लोक व्यवस्था के के महत्व को समझते हुए हिंदू समाज के लोगों ने प्रशासन के इस कार्य का जरा भी विरोध नहीं किया बल्कि सहयोग किया।

शहर के बड़ेल चौराहे पर स्थित दुर्गा मंदिर को प्रशासन द्वारा मूर्ति प्रतिस्थापित करने के बाद हटा दिया। आपको बता दे कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में सार्वजनिक रास्ता आदि के पास धार्मिक स्थल को हटाया जाना है जिसके क्रम में शहर के बड़ेल चुराहे पर काफी वर्षो पुराना देवी दुर्गा का मंदिर सड़क के किनारे स्थित था जिस कारण से अक्सर वहाँ जाम की स्थित उत्पन्न हो जाती थी जिसको लेकर स्थानीय लोगो को भी अत्यधिक समस्या उत्पन्न हो रही थी।

उक्त क्रम में स्थानीय लोगो की रजामंदी से प्राशासन ने दशराबाग स्थित पंचम दास कुटी परिसर में चबूतरा का निर्माण कराकर मूर्ति स्थापित कर दी इस दौरान स्थानीय लोग मौजूद रहे और विधिविधान से पूजन अर्चन कर मा दुर्गा की मूर्ति स्थापित की गई। उपस्थित भक्तगणों ने पूजन अर्चन के दौरान बताया कि उक्त मंदिर की वजह से यातायात व्यस्था सुचारू रूप से नही चल पा रही जिस कारण उनलोगों द्वारा मंदिर को हटवाने का निर्णय लिया गया।

वही मूर्ति को प्रतिस्थापित करने के उपरांत नगर पालिका एवम प्राशासन की टीम द्वारा सड़क पर बने निर्माण को जेसीबी की मदद से हटा दिया गया। इस दौरान तहसीलदार नवाबगंज तपन मिश्रा मौजूद रहे उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में यह कार्यवाही की जा रही है जिसमे स्थानीय लोगो ने भी भरपूर सहयोग दिया।