सिरौलीगौसपुर बाराबंकी ।स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत गांव में शौचालय निर्माण में जमकर अनियमितता बरती गई बिना निर्माण के ही पैसा निकाल लिया गया। ग्रामीण ने मामले की शिकायत डीएम से की थी।उनके निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को जांच सौंपी। लेकिन जांच अधिकारी वहां पहुंचे ही नहीं शिकायतकर्ता व ग्रामीण जांच अधिकारी का इंतजार करते रह गए।
जहां सोच, वहां शौचालय, स्वच्छता अभियान के प्रयास के लिए केंद्र सरकार द्वारा दिया गया यह नारा लोगों की सोच बदलने लगा है लेकिन अधिकारियों की सोच में बदलाव नहीं आया। शौचालय निर्माण में भ्रष्टाचार के कारण कई मामले उजागर हो चुके हैं लेकिन ऐसे मामलों में कार्रवाई के बजाय जांच अधिकारी लीपापोती कर मामले को रफा-दफा करने में जुड़ जाते हैं। पूरेडलई की ग्राम पंचायत कोठरी गोरिया में शौचालय निर्माण में की गई अनियमितता की शिकायत विनय शुक्ला ने डीएम से की थी। और आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान द्वारा पहले से बने शौचालयों पर दोबारा पुताई कर दूसरे के नाम लिखवा कर पैसा निकाला गया। तो कई का नाम बदल बदल कर पैसा निकाल लिया गया। और शासन के धन का दुरुपयोग किया गया। शिकायत का संज्ञान लेते हुए डीएम डॉक्टर आदर्श सिंह के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने गांव में शौचालय निर्माण की जांच की जिम्मेदारी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी बाराबंकी को सौंपी थी। जिला पंचायत राज कार्यालय के पत्रांक संख्या 2267 के अंतर्गत गांव में मंगलवार को मामले की जांच के लिए निर्देशित किया गया था।जिसकी सूचना ग्राम प्रधान, सचिव व शिकायतकर्ता को पत्र के माध्यम से दे दी गई थी। लेकिन शिकायतकर्ता व ग्रामीण जांच अधिकारी का पूरा दिन इंतजार करते रहे,लेकिन जांच अधिकारी गांव तक नहीं पहुंचे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच अधिकारी मामले में जांच के बजाए सफेद पोषों के दबाव में प्रधान को बचाने में जुटे हुए हैं और बिना जांच के ही मामले में लीपापोती कर रहे हैं। जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करने की बात कही है। वही इस संबंध में जांच अधिकारी पशु चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि डीएम से छुट्टी लेकर इस समय बाहर हैं 3 दिन बाद आकर गांव में पहुंचकर जांच करेंगे