निष्पक्ष जन अवलोकन।
अजय रावत।
सिरौलीगौसपुर बाराबंकी। सरयू नदी घाघरा के ग्राम तेलवारी मे तालाब के पास हो रहे नदी कटान को बाढ खंण्ड के अभियंताओं ने कडी मशक्कत करके सैकड़ों ट्राली ईंट का अदधा बोरियों में भरवा कर गैवीयान प्लास्टिक की मोटी रस्सियों के जाल में बांधकर साथ में झांखड के साथ करीब अस्सी फिट गहराई से अन्दर अन्दर भंवर बनाकर कटान कर रही नदी में भरवा कर कटान रोकने में बाढ खंण्ड के अभियंता सफल नजर आ रहे हैं। उपजिलाधिकारी सुरेन्द्र पाल विश्वकर्मा दूसरे दिन भी तेलवारी गांव के कटान स्थल पर पहुंच कर बाढ खंण्ड द्वारा करवाए जा रहे अनुरक्षण कार्यों को देखा।
एस डी एम ने बताया कि बाढ खंण्ड के अभियंताओं ने सही समय पर कटान वाले स्थल पर ईंट के अदधा को बोरियों में भरवा कर तथा जे सी बी तथा क्रेन का इस्तेमाल करते हुए सैकड़ों ट्राली ईंट का अदधा प्लास्टिक की रस्सियों मे बोरियों को बंधवा कर नदी कटान वाले घांवो में भरवा कर कटान रोक लगा ली है।
बताते चलें कि तेलवारी गांव में सात कटर बनाने का अनुबंध हुआ था। सातों कटर परक्यू पाइन कार्यों को गोबरहा कहारनपुरवा से पहले करवा लिया गया था।एक से पांच कटर परक्यू पाइन कार्य पूर्ण रूप से सुरक्षित बचे हुए हैं।कटर छः व सात जो कि आबादी के बिल्कुल सामने परमेश्वर यादव व सुरेश सिंह के घरों के सामने बनाये गये थे।इसी जगह सरयू नदी संकरी भी थी।जैसे ही नदी का जल स्तर घटा नदी मे मसीना भवंर तेज हो गंई बस क्या था नदी के संकरे मोहडे कटर नम्बर छः और सात पर करवाये गये अनुरक्षण कार्यों को प्रभावित करते हुए कटान शुरू कर दी। बाढ खंण्ड के अभियंताओं ने बहुत ही सूझ बूझ के साथ रात दिन ईंट की बोरियों के साथ सैकड़ों ट्राली झांखड डाल कर फिलहाल कटान पर काबू पा लिया है यदि तेलवारी गांव में पूर्ण रुप से कटान रुक गयी तो सरयू नदी यंहा से पांच छः किलोमीटर के दायरे में आगे कटान लगा सकती है। दोनों बांधों एल्गिन चरसडी व अलीनगर रानीमऊ तटबांधों के बीच बसे गांवों मे ही नेचूरल रुप से कटान होती रहेगी कभी इस तरफ तो कभी उस तरफ कटान होता रहेगा।
सहायक अभियंता राकेश भास्कर ने बताया है कि कहारनपुरवा गोबरहा करवाये गये अनुरक्षण कार्य पूर्ण रुप से सुरक्षित है। जब कि तेलवारी के सात मे पांच कटर परक्यू पाइन कार्य सुरक्षित है दो कटरो का कुछ भाग नदी के कटान से प्रभावित हुआ है। नदी का कटान रोकने के लिए युद्वस्तर पर अनुरक्षण कार्य रात दिन करवाये जा रहे हैं।तेलवारी गांव में 20% अनुरक्षण कार्य कटान से प्रभावित हुआ है। गांव को बचाने के लिए हमारी टीम पूरा प्रयास कर रही है।