निष्पक्ष जन अवलोकन।                             नारायण शुक्ला।
कानपुर। डीसीपी ने बताया कि जल्द ही इन चिह्नित चौराहों पर अभियान चलाकर वसूलीबाज सिपाहियों को पकड़ा जाएगा। सादे कपड़ों में क्राइम ब्रांच पुलिस इन चौराहों पर नजर रखेगी।
कानपुर में पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने कमिश्नरी पुलिसिंग लागू होने के बाद विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए आंतरिक विजिलेंस बनाने को कहा था। जिसकी शुरुआत यातायात पुलिस से हुई है। डीसीपी यातायात बीबीजीटीएस मूर्ति ने पिछले दिनों गोपनीय जांच कराई थी जिसमें शहर के उन स्थानों को चिह्नित किया गया, जहां पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी वसूली करते हैं।
अब तक ऐसे 16 स्थान चिह्नित हुए हैं जहां ट्रैफिक पुलिस धड़ल्ले से वसूली करती है। इनमें से शहर के छह चौराहे ऐसे हैं जहां सबसे ज्यादा वसूली की जाती है। इनमें रामादेवी चौराहा, टाटमिल चौराहा, जरीब चौकी चौराहा, कल्याणपुर क्रासिंग, घंटाघर और नौबस्ता चौराहा हैं।
डीसीपी ने बताया कि जल्द ही इन चिह्नित चौराहों पर अभियान चलाकर वसूलीबाज सिपाहियों को पकड़ा जाएगा। सादे कपड़ों में क्राइम ब्रांच पुलिस इन चौराहों पर नजर रखेगी। रंगे हाथों पकड़ने पर विभागीय कार्रवाई भी होगी। 
ऑनलाइन चालान का दिखाते हैं डर
गोपनीय जांच में सामने आया कि ट्रैफिक पुलिसकर्मी क्षमता से अधिक सवारी भराने, नो इंट्री, मनमाफिक रूट से चलने के नाम पर, वाहन चेकिंग के दौरान कोई ना कोई कमियां निकालकर ऑनलाइन चालान का भय दिखा कर वसूली की जाती है। चौराहों पर तैनात होमगार्ड फोन लेकर वाहनों की फोटो खींचकर करते हैं वसूली।