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नितेश मिश्रा।

बाराबंकी। परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के पिछले तीन वर्ष से प्रमोशन नही हुए है। जिसके चलते शिक्षकों को उनके देय लाभ नहीं मिल पा रहे है। शिक्षकों के पदोन्नति की मांग को लेकर यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन ‘यूटा’ ने अभियान शुरू कर दिया है। यूटा के जिलाध्यक्ष आशुतोष कुमार ने बताया है कि संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राठौर ने अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा को परिषदीय विद्यालयों में अध्यापकों की पदोन्नति के संबंध में पत्र लिखकर मांग उठाई है।

संगठन का कहना है कि बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक व प्रधानाध्यापक के भारी संख्या में पद रिक्त चल रहे है। जिसके चलते छात्र हित प्रभावित हो रहा है, दूसरी तरफ विद्यालयों के अभिलेखीय रखरखाव एवं खाते इत्यादि संचालन में भी काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, चूंकि विगत कई वर्षों से पदोन्नति प्रक्रिया पर विराम लगा हुआ है। जबकि प्रतिवर्ष हजारों शिक्षक प्रधानाध्यापक के पद से सेवानिवृत्त होते है। अधिकांश उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी चल रही है क्योंकि लंबे समय से इन स्कूलों में न तो प्रमोशन हुए हैं और न ही कोई नई भर्ती हुई है।

यूटा के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राठौर ने कहा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं शासन की मंशा है कि प्रदेश के किसी भी विभाग में पद रिक्त होने की वजह से जनहित प्रभावित ना हो, रिक्त पदों को तीव्र प्रक्रिया अपनाकर भरा जाय। ऐसे में यूटा के जिलाध्यक्ष आशुतोष कुमार, जिला महामंत्री सत्येन्द्र भास्कर, जिला कोषाध्यक्ष पूर्णेश प्रताप सिंह, जिला संगठन मंत्री दीपक मिश्रा सहित शाकिब किदवई, प्रदीप श्रीवास्तव, राजकपूर आदि पदाधिकारियों ने मांग की है कि शासन की व्यवस्था के अनुक्रम में विद्यालय एवं छात्र हित को ध्यान में रखकर शिक्षकों की प्रतिवर्ष जारी होने वाली जनपद स्तरीय वरिष्ठता सूची को सार्वजनिक कर पदोन्नति प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराया जाय।