नि० जनअवलोकन संवाददाता।

बाराबंकी। शिक्षक संगठन उoप्रo जूनियर हाई स्कूल (पू.मा.) शिक्षक संघ,उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों द्वारा नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) से आच्छादित बेसिक शिक्षकों के वेतन से की जाने वाली कटौती तथा राज्यांश को उनके प्रान खाते में नियत समय पर हस्तांतरित न होने से उसके एवज में मिलने वाले ब्याज के नुकसान के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र लिखा।
प्रदेश अध्यक्ष रामकृष्ण सिंह ने बताया की एनपीएस से आच्छादित शिक्षकों के वेतन से 10% की कटौती तो कर ली जाती है परंतु धनराशि शिक्षकों के प्रान खाते में हस्तांतरित नही की जाती है। यह समस्या लगभग प्रत्येक जिले में एक समान है। कुछ जिले इस समस्या के लिए एनएसडीएल को जिम्मेदार बताते है, लेकिन राज्यांश हस्तांतरित होने में लगभग 8 से 10 महीने का समय लग जाता है। इसके लिए बजट का न होना बताया जाता है, जबकि कभी-कभी देखा गया है कि बजट की घोषणा होने के बाद भी कई महीनों तक शिक्षकों के खाते में उक्त राशि परिलक्षित नही होती है। जब राज्य में प्रेषित किया जाता है तो उसका ब्याज नियत तिथि से न देकर राशि की प्रेषण से दिया जाता है।
कार्यवाहक प्रदेश महामंत्री अरुणेंद्र कुमार वर्मा मुन्ना ने कहा कि इस समस्या से एनपीएस का लाभ मिलना तो दूर बल्कि यह अत्यधिक आर्थिक क्षति वाली योजना साबित हो रही है। हम में से कई कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना का लाभ ले रहे है, तथा एनपीएस से आच्छादित कर्मचारी जब अपने लाभ को पुरानी पेंशन योजना के लाभ से तुलना करते हैं तो पुरानी पेंशन योजना ही श्रेष्ठ लगती है। जिसकी मांग पहले से ही बड़े पैमाने पर हो रही है। अतः उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ सभी के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाली की मांग करता है, क्योंकि यही हम कर्मचारियों के लिए वृद्धावस्था का सहारा है।